बारां/गजनपुरा। राजस्थान के बारां जिले में अध्यात्म की एक ऐसी लहर उठी है जिसने समूचे क्षेत्र को केसरिया रंग में सराबोर कर दिया है। वसंत पंचमी के पावन अबूझ मुहूर्त पर बडवा और गजनपुरा के मध्य स्थित ऐतिहासिक खेडिया हनुमान मंदिर परिसर में एक नए धार्मिक अध्याय का सूत्रपात हुआ। आगामी 19 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य '21 कुण्डीय श्रीराम मारूति महायज्ञ एवं श्री रामकथा' का शंखनाद 41 फीट लंबी विशाल धर्म ध्वजा की स्थापना के साथ अत्यंत हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति के संकल्प का जीवंत प्रमाण बनकर उभरा है।

भक्ति के इस महापर्व का शुभारंभ प्रातः काल एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसने आसमान को अपनी दिव्यता से ढक लिया। अनंत श्री विभूषित श्री श्री 1008 श्री बर्फानी बाबा (बद्रीनाथ धाम) के कृपापात्र महामण्डलेश्वर सर्वेश्वरदास त्यागी जी के पावन सानिध्य में निकली इस यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विशेष यज्ञ रथों और संतों के वाहनों के साथ सैकड़ों की संख्या में केसरिया दुपट्टे धारण किए हुए बाइक सवार भक्तों ने एक अनुशासित और ओजस्वी रैली निकाली। डीजे पर बजती सांस्कृतिक धुनों और गूंजते श्रीराम के जयकारों के बीच शोभायात्रा ने आसपास के सात गांवों का भ्रमण किया, जहां ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर पुष्पवर्षा के साथ संतों का अभिनंदन किया। भक्तों ने हर गांव के देवस्थानों पर मत्था टेककर देवताओं को आमंत्रित किया और समस्त क्षेत्रवासियों को इस महायज्ञ में सम्मिलित होने का भावपूर्ण निमंत्रण दिया।

शोभायात्रा के समापन के पश्चात खेडिया हनुमान मंदिर स्थित निर्धारित यज्ञ स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। विद्वान पंडितों और प्रबुद्ध संतों की उपस्थिति में 41 फीट ऊंचे ध्वज स्तंभ को स्थापित किया गया, जिसे देखते ही उपस्थित जनसमूह श्रद्धा से नतमस्तक हो उठा। इस गौरवमयी आयोजन की गरिमा को बढ़ाने के लिए क्षेत्र के प्रमुख संत भी उपस्थित रहे। इसमें ब्रह्मकुंड के पूज्य महंत नृसिंहाचार्य, गजनपुरा के पूज्य महंत निर्मलदास, रामकल्याण और लेवा के महंत पवनदास ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से भक्तों को कृतार्थ किया।

इस धार्मिक अनुष्ठान का सबसे आध्यात्मिक पहलू महामण्डलेश्वर सर्वेश्वरदास त्यागी जी द्वारा लोक कल्याणार्थ शुरू किया गया 'पंचाग्नि तप' रहा। महामण्डलेश्वर ने वसंत पंचमी के इस शुभ दिन से गंगादशमी तक चलने वाले अपने कठिन तप का संकल्प लिया है। यह कठोर साधना आगामी महायज्ञ की निर्विघ्न सफलता और क्षेत्र की खुशहाली के निमित्त की जा रही है। आयोजन के अंत में विशाल जनसमूह के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। भक्तमंडल परिवार के प्रमुख आचार्य परमानंद और यज्ञ आयोजन समिति के समर्पित कार्यकर्ताओं ने पधारे हुए सभी संतों और धर्मप्रेमी जनता का स्वागत-सम्मान किया। समिति ने समस्त ग्रामवासियों से इस आगामी 19 से 25 मई तक चलने वाले महायज्ञ को ऐतिहासिक बनाने के लिए तन-मन-धन से जुटने का आह्वान किया है। यह आयोजन आने वाले समय में बारां की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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