बारां: विश्व शांति के लिए भारत का सशक्त होना जरूरी बोले आनन्द प्रताप सिंह
अटरू में संघ शताब्दी वर्ष पर प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित, मुख्य वक्ता ने राष्ट्र निर्माण में हिंदुत्व दर्शन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर दिया जोर।

बारां के अटरू स्थित श्रीराम रिसोर्ट में आयोजित संघ शताब्दी वर्ष की प्रमुख जन गोष्ठी के दौरान मंच पर विचार व्यक्त करते मुख्य वक्ता आनन्द प्रताप सिंह और खंड कार्यवाह मनीष राठौर।
बारां/अटरू। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड अटरू द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में श्रीराम रिसोर्ट अटरू में ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह महाविद्यालय विद्यार्थी प्रमुख आनन्द प्रताप सिंह रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंचासीन अतिथियों का औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा और मूल दृष्टि
मुख्य वक्ता आनन्द प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि "गत सौ वर्षों में संघ ने दैनिक शाखाओं, सेवा कार्यों, शैक्षणिक एवं सामाजिक पहल के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया है। संघ की मूल दृष्टि हमेशा से एक मजबूत, आत्मविश्वासी, सांस्कृतिक रूप से जागरूक और संगठित भारत के निर्माण की रही है। स्वयंसेवक प्रायः मौन और निष्काम भाव से समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देकर राष्ट्र को सशक्त बनाने में संलग्न रहे हैं।" उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हर राष्ट्र की एक आत्मा होती है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिन्दुत्व को ही भारत की आत्मा व पहचान मानकर संघ को आगे बढ़ाया है, जो संघ की 100 वर्षों की यात्रा का स्रोत रहा है।
हिन्दुत्व दर्शन और विश्व कल्याण
सिंह ने "माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः" के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ के निवासी भूमि को माता मान कर समर्पण देते रहे हैं तथा राष्ट्र एवं समाज के लिए योगदान को अपना दायित्व समझा है। हिन्दू दर्शन में समाज में सभी के सुखमय होने, मातृभूमि सोने की लंका से अधिक प्रिय होने और विश्व जगत एक परिवार होने का महान विचार मिलते है। विश्व कल्याण के लिए हिन्दुत्व दर्शन वाले भारत को सशक्त होना जरूरी है। वर्तमान समय में जब विश्व समुदाय पर्यावरण संकट, आतंकवाद, व्यापार वर्चस्व एवं विस्तारवादी दृष्टिकोण से त्रस्त है, तब भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
भविष्य की दिशा और सामाजिक सुदृढ़ता
भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने अधिक से अधिक युवा वर्ग को सकारात्मक सामाजिक कार्यों से जोड़ने, सामाजिक समरसता तथा सभी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकसूत्र में पिरोने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने परिवार संस्था की मजबूती, समुदाय आधारित जीवन मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रत्येक नागरिक के राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान का आह्वान किया। आयोजकों ने संक्षेप में बताया कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रमुखजन गोष्ठी संघ की सामाजिक व राष्ट्रीय यात्रा को समझने और भविष्य की दिशा पर विमर्श करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
मंच पर खंड कार्यवाह मनीष राठौर भी उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में स्वयंसेवक, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग तथा समाज के विविध वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
