IIM Kashipur दिल्ली सिटी मीट 2026: पूर्व छात्रों और संकाय ने मेंटरशिप पर की चर्चा
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों ने छात्रों के करियर मार्गदर्शन व उद्योग अनुभव पर विचार साझा किए।
नई दिल्ली के द टिवोली में आयोजित आईआईएम काशीपुर दिल्ली सिटी मीट '26 में शामिल पूर्व विद्यार्थी और संकाय सदस्य।
भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर (IIM Kashipur) के दिल्ली सिटी मीट ’26 में पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने प्रबंधन शिक्षा को उद्योग के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने, छात्रों को करियर मार्गदर्शन देने और संस्थान के विकास में पूर्व विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की। 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के छतरपुर स्थित द टिवोली में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 90 पूर्व विद्यार्थी, संकाय सदस्य और संस्थान के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की एलुमनाई रिलेशंस कमेटी (ARC) ने किया।
13 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली सिटी मीट ’26 का उद्देश्य अलग-अलग बैच के पूर्व विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर उनके पेशेवर अनुभव साझा करना और संस्थान के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करना था। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी वर्तमान छात्रों को उद्योग की अपेक्षाओं को समझने, करियर के विकल्प तलाशने और कक्षा से बाहर व्यावहारिक जानकारी हासिल करने में मदद कर सकते हैं। मेंटरशिप और ज्ञान साझा करने को प्रबंधन शिक्षा तथा कार्यस्थल के अनुभवों के बीच संबंध मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यमों के रूप में रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के डीन (डेवलपमेंट) प्रो. कुनाल गांगुली और एलुमनाई रिलेशंस कमेटी के चेयरपर्सन प्रो. उत्कर्ष उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रो. कुनाल गांगुली ने कहा, “आईआईएम काशीपुर के लिए मजबूत एलुमनाई इकोसिस्टम विकसित करना संस्थान के विकास, उद्योग जगत से जुड़ाव, छात्रों की सफलता और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पूर्व विद्यार्थियों को केवल संस्थान के अतीत से लाभान्वित होने वाले लोगों के रूप में नहीं, बल्कि उसके भविष्य को आकार देने वाले साझेदारों के रूप में देखा जाना चाहिए।”
छात्रों के लिए पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों की उपयोगिता पर बात करते हुए प्रो. उत्कर्ष ने कहा, “सिटी मीट हमेशा हमारे आपसे संवाद करने के तरीके का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। हमारे पूर्व विद्यार्थी उद्योग जगत में काफी अनुभव हासिल कर रहे हैं और हम चाहते हैं कि वे वापस आएं तथा छात्रों के साथ अपने विचार साझा करें।” उन्होंने कहा कि इस तरह की बातचीत छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अनुभवों और दृष्टिकोणों के करीब ला सकती है।
कार्यक्रम के संवाद सत्र में पूर्व विद्यार्थियों ने अपने करियर की यात्रा, पेशेवर अनुभवों और आईआईएम काशीपुर में बिताए समय से जुड़े विचार साझा किए। पीजीपी 2011–2013 बैच के पूर्व विद्यार्थी और Propert.shop के संस्थापक श्री जतिन कुमार ने छात्रों के विकास में मेंटरशिप और ज्ञान साझा करने के माध्यम से योगदान देने के लिए पूर्व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। संकाय सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “छात्रों, पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सभी संकाय सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार।”
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्रोथ लीड (डीजीएम) और पीजीपी 2014–2016 बैच के पूर्व विद्यार्थी श्री दविंदर यादव ने एलुमनाई नेटवर्क में आपसी सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमें एक टीम के रूप में साथ आना चाहिए, मिलकर काम करना चाहिए और मिलकर परिणाम देने चाहिए। हमारे संस्थान से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं।”
आईआईएम काशीपुर के पूर्व विद्यार्थी श्री हिमांशु अग्रवाल ने संस्थान में पढ़ाई के अनुभव पर विचार साझा करते हुए कहा, “हम सभी कॉलेज में एमबीए की डिग्री हासिल करने के उद्देश्य से आए थे, लेकिन हमें इससे कहीं अधिक मिला। आईआईएम काशीपुर के एलुमनाई समुदाय को आगे बढ़ाने में मदद के लिए हमें अधिक बार एक साथ मिलना चाहिए।”
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग और अनौपचारिक बातचीत के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को अपने पेशेवर संपर्कों को फिर से मजबूत करने और संस्थान के साथ निरंतर जुड़े रहने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर मिला। दिल्ली सिटी मीट ’26 ने यह रेखांकित किया कि पूर्व विद्यार्थियों का नेटवर्क उद्योग जगत के अनुभवों, करियर संबंधी जानकारी और पेशेवर मार्गदर्शन के जरिए कक्षा में होने वाली पढ़ाई को और उपयोगी बना सकता है। साथ ही, ऐसे आयोजन संस्थान और उसके पूर्व विद्यार्थियों के बीच सहयोग तथा दीर्घकालिक जुड़ाव को मजबूत करने का मंच प्रदान करते हैं।