तस्वीर में चार लोग एक कार्यक्रम के दौरान ट्रॉफी थामे हुए नजर आ रहे हैं।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में संस्कार कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में शुक्रवार को ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार उपयोग, संक्रमण नियंत्रण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और मरीजों की समग्र सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता पर जोर दिया गया।

वर्ष 2026 के लिए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की मुख्य थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्ट को सशक्त बनाना’ और सब-थीम ‘स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला’ रखी गई थी। कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य समाज में एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार उपयोग, संक्रमण नियंत्रण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और मरीजों की समग्र सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

समारोह का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के बाद उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक सुर में फार्मासिस्ट की नैतिक जिम्मेदारियों और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा की शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान बी.फार्मा के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति और प्रेरणादायी संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों से सभागार में उत्साह का माहौल बना और विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी से समारोह को जीवंत बनाया।

संस्कार कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में आयोजित यह कार्यक्रम फार्मासिस्ट की नैतिक जिम्मेदारियों, मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जागरूकता को केंद्र में रखते हुए संपन्न हुआ।

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