हापुड़ में दहेज हत्या मामले में पति को 8 साल की सजा, 6 हजार रुपये का जुर्माना
हापुड़ में 2019 के दहेज हत्या मामले में आरोपी पति सुभाष को अदालत ने 8 साल के सश्रम कारावास और 6,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जानिए ऑपरेशन कंविक्शन के तहत पुलिस और अभियोजन की पैरवी में कैसे आया फैसला।
हापुड़ में दहेज हत्या के मामले में एडीजे/एफटीसी प्रथम न्यायालय ने दोषी पति को सुनाई सजा।
हापुड़ में दहेज हत्या के करीब सात साल पुराने मामले में आखिरकार न्यायालय ने दोषी पति को सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कंविक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद एडीजे/एफटीसी प्रथम हापुड़ की अदालत ने आरोपी सुभाष को 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 6,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की पैरवी से मामले में दोषसिद्धि हुई।
मामला वर्ष 2019 का है। 30 मार्च 2019 को सुभाष पुत्र जहारिया, निवासी मोहल्ला सुभाषनगर, थाना हापुड़ देहात ने अपनी पत्नी पर तेल छिड़ककर आग लगा दी थी। इस घटना में महिला की मृत्यु हो गई थी। मामले में थाना हापुड़ देहात में मुकदमा अपराध संख्या 341/2020 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 498ए और 304बी तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।
पुलिस ने मामले की गहन विवेचना पूरी करने के बाद 22 अक्टूबर 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखा।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कंविक्शन' के तहत मामले की लगातार निगरानी की गई। पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। इसी का परिणाम रहा कि 31 अक्टूबर 2026 को एडीजे/एफटीसी प्रथम हापुड़ की अदालत ने आरोपी पति सुभाष को दोषी करार दिया और उसे 8 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 6 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले में दोषसिद्धि और सजा दिलाने की प्रक्रिया में अभियोजन विभाग की शासकीय अधिवक्ता करुणा नागर, तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर एवं विवेचक एएसएन वैभव पांडेय, पैरवीकार महिला कांस्टेबल कंचन और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल दुष्यन्त राठी का विशेष योगदान रहा।
पुलिस के 'ऑपरेशन कंविक्शन' के तहत की गई प्रभावी पैरवी से दहेज हत्या के इस मामले में न्यायालय से सजा सुनाई गई। करीब सात साल पुराने मामले में दोषी पति को कारावास और अर्थदंड मिलने के साथ न्यायिक प्रक्रिया अपने नतीजे तक पहुंची।