उदयपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर राष्ट्र चेतना संकल्प सभा 17 जून को
उदयपुर के गांधी ग्राउंड में आयोजित होने वाली इस विशाल सभा को मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे।
उदयपुर में महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विजय उत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पदाधिकारी।
उदयपुर, 5 जून। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विजय उत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में आगामी 17 जून को उदयपुर के गांधी ग्राउण्ड में एक विशाल 'राष्ट्र चेतना संकल्प सभा' का आयोजन किया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को गति देने के लिए आहूत एक वृहद बैठक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि मेवाड़ धरा के गौरव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर कार्यकर्ता स्वयं को हल्दीघाटी का योद्धा समझकर प्राणपण से इस अभियान में जुट जाए।
समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि जिस भीषण गर्मी में मेवाड़ के सपूतों ने हल्दीघाटी के युद्ध में अपूर्व शौर्य का प्रदर्शन कर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया था, उसी शौर्य और स्वाभिमान को आज की भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने बल देकर कहा कि महाराणा प्रताप की हल्दीघाटी विजय की इस गौरव गाथा को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को स्वयं अग्रिम पंक्ति का सेनानी बनना होगा। इस महाभियान के तहत हल्दीघाटी विजय गाथा के पत्रकों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर में वितरित करने के लिए गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है ताकि जन-जन को इस गौरवशाली इतिहास से जोड़ा जा सके।
इस विराट आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रबंधकीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हेमेन्द्र श्रीमाली के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई इस बैठक में संपूर्ण कार्यक्रम के प्रबंध प्रमुख का गुरुतर दायित्व नारायण गमेती को और प्रबंध सहप्रमुख का दायित्व सीए महावीर चपलोत को सौंपा गया है। इसके साथ ही कार्यक्रम की संवेदनशीलता और विशालता को देखते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए पृथक-पृथक उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इनमें मुख्य रूप से आवास, भोजन, टेंट, मार्ग सज्जा, मैदान सज्जा, मंच सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, शौर्य प्रदर्शनी, साहित्य सामग्री, जल व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, जन सुविधाएं, स्वच्छता, सत्कार-स्वागत, मीडिया व्यवस्था, पार्किंग और कार्यक्रम केंद्रीय कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण समितियां शामिल हैं, जिनके पदाधिकारियों को उनके दायित्व सौंप दिए गए हैं।
कार्यक्रम के सहसंयोजक सीए महावीर चपलोत ने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर 17 जून को प्रातः वेला में प्रताप गौरव केन्द्र स्थित महाराणा प्रताप की विशाल बैठक प्रतिमा का प्रतिवर्ष की भांति पारंपरिक रूप से भव्य दुग्धाभिषेक किया जाएगा, जिसकी तैयारियों के लिए भी एक विशेष समिति का गठन कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। संपूर्ण बैठक का कुशल संचालन डॉ. रमन सूद द्वारा किया गया। राष्ट्र चेतना और मातृभूमि के स्वाभिमान को समर्पित यह आयोजन न केवल मेवाड़ बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक युगांतरकारी संदेश सिद्ध होगा।