खेरोदा में दो संतों का ऐतिहासिक मिलन: श्री 1008 अवधेशानंद महाराज और कोमल मुनि के सानिध्य में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
खेरोदा के जैन स्थानक भवन में श्री 1008 अवधेशानंद महाराज और उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि के ऐतिहासिक मिलन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और धर्मसभा आयोजित हुई।
तस्वीर में बाएं ओर श्वेत वस्त्र पहने उप प्रवर्तक कोमल मुनि और दाएं ओर भगवा वस्त्र धारण किए अवधेशानंद महाराज श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संवाद करते हुए।
खेरोदा कस्बे के जैन स्थानक भवन में आध्यात्मिक दृष्टि से एक दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब आध्यात्मिक गुरु श्री 1008 अवधेशानंद महाराज और उप प्रवर्तक गुरुदेव कोमल मुनि का भव्य मिलन हुआ। दोनों संतों के आगमन के साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और इस आध्यात्मिक समागम की सूचना मिलते ही जैन स्थानक भवन में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। खेरोदा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संतों के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे।
मिलन के इस पावन अवसर पर दोनों संतों ने आत्मीय भाव से आपस में वार्तालाप किया। धर्म, अध्यात्म और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। इसके बाद दोनों संतों ने अपने ओजस्वी वचनों से धर्मसभा को संबोधित करते हुए आपसी प्रेम, भाईचारा, नैतिकता और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
संतों के सानिध्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में हर कोई दोनों संतों की एक झलक पाने और उनका मंगल आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की उपस्थिति से जैन स्थानक भवन पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में रंग गया और कार्यक्रम आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन गया।
इस अवसर पर वर्द्धमान जैन समाज के अध्यक्ष सुनील कूकड़ा, जैन समाज के कार्यकर्ता, सदस्य एवं ग्रामीणों ने श्री 1008 अवधेशानंद महाराज का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। संतों ने भी खुले मन से सभी भक्तों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया, जिससे पूरा ग्रामीण अंचल आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो गया। यह आयोजन खेरोदा क्षेत्र में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक सद्भाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर सामने आया।