सामुदायिक वन अधिकार के पट्टे निरस्त कर व्यक्तिगत पट्टे जारी करने की मांग
खेरवाड़ा के अकोट गांव के ग्रामीणों ने 119.45 हेक्टेयर भूमि से सामुदायिक वन अधिकार हटाकर पात्र ग्रामीणों को व्यक्तिगत पट्टे देने की मांग की।
तस्वीर में खेरवाड़ा पंचायत समिति कार्यालय के बाहर विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अकोट गांव के ग्रामीण और अधिकारी नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा में ग्राम पंचायत हीका पोस्ट सारोली के राजस्व गांव अकोट के ग्रामीणों ने सामुदायिक वन अधिकार के तहत जारी पट्टों को निरस्त कर पात्र ग्रामीणों के नाम व्यक्तिगत पट्टे जारी करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मंशा राम विकास अधिकारी, पंचायत समिति खेरवाड़ा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अकोट गांव के खसरा संख्या 1, 2, 14, 15, 56, 57, 59, 60, 142, 155, 175, 200 एवं 201 की कुल करीब 119.45 हेक्टेयर भूमि पर कई वर्षों से ग्रामीण निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उक्त भूमि पर उनके मकान, खेती-बाड़ी, मेड़बंदी, फलदार वृक्ष, कुएं एवं नलकूप आदि स्थापित हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि दिनांक 14 जून 2023 को उक्त भूमि को सामुदायिक वन अधिकार के अंतर्गत शामिल किया गया था। उनका कहना है कि इससे वर्षों से भूमि पर निवास एवं खेती कर रहे ग्रामीणों के व्यक्तिगत अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने विकास अधिकारी से मांग की कि उक्त खसरों को सामुदायिक वन अधिकार से निरस्त कर पात्र ग्रामीणों के नाम व्यक्तिगत पट्टे जारी करवाए जाएं, ताकि उन्हें भूमि पर विधिवत अधिकार मिल सके।