रवि बिश्नोई की नो-बॉल बनी टीम इंडिया के शर्मनाक दौरे का सबब, विशेषज्ञ उठा रहे सवाल
रवि बिश्नोई की लगातार नो-बॉल से टीम इंडिया का यूके दौरा संकट में पड़ गया है। कोच शाहरुख खान और दिग्गज क्रिकेटरों ने इस शर्मनाक प्रदर्शन के पीछे की तकनीकी खामियों और भविष्य की चुनौतियों पर क्या कहा, पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
तस्वीर में भारतीय लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई क्रिकेट मैदान पर गेंदबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय टी20 टीम के लिए यूके दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है, जहां टीम एक भी मैच जीतने में नाकाम रही है। भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा और इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम 2-0 से पीछे है। ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में मंगलवार रात खेले गए तीसरे टी20 में मिली 125 रनों की हार इस प्रारूप में भारत की अब तक की सबसे भारी हार साबित हुई। इस खराब दौर की बानगी तब देखने को मिली जब दूसरे टी20 में लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई जूझते नजर आए। बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन लुटाए और तीन बार रिटर्न क्रीज को कट किया, जिसमें 17वें ओवर में दो नो-बॉल भी शामिल थीं। इस ओवर में 29 रन बने जिसने मैच को इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया। नतीजतन, बिश्नोई को तीसरे टी20 की एकादश से बाहर कर दिया गया।
बिश्नोई के बचपन के कोच शाहरुख खान ने जोधपुर से बात करते हुए बताया कि उनके रन-अप तकनीक में बदलाव और गेंदबाजी एक्शन में फेरबदल बैकफुट नो-बॉल की समस्या का कारण बन रहे हैं। शाहरुख ने कहा कि रिलीज के समय उनका गेंदबाजी हाथ सीधा आ रहा है, जो उनकी पुरानी शैली से पूरी तरह अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिश्नोई नो-बॉल की समस्या को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी 'मसल मेमोरी' इसमें एक बड़ी बाधा बन गई है। अभ्यास सत्रों में उनका प्रदर्शन पुरानी शैली के अनुरूप रहता है, लेकिन प्रतिस्पर्धी मैचों में वे पुरानी आदतों की ओर लौट जाते हैं।
पूर्व भारतीय लेग-स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 'एक्स' पर इस तकनीकी कमी को डिकोड करते हुए कहा कि यदि बैकफुट लैंडिंग को ध्यान से देखें, तो वह पहले और फ्रंट फुट बाद में लैंड हो रहा है। उन्होंने कोचों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एनसीए, सीओई और आईपीएल के कोचों की देखरेख में इसे सही इनपुट नहीं मिल सके। पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने भी कहा कि बल्लेबाज अब बिश्नोई को आसानी से पढ़ पा रहे हैं क्योंकि उनकी गेंद ज्यादा टर्न नहीं होती और वे करीब 100 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी करते हैं। जाफर ने याद दिलाया कि आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स ने भी उन्हें शुरुआती मैचों के बाद मौका देना कम कर दिया था। जाफर के अनुसार, चयनकर्ताओं ने उन्हें आगामी विश्व कप को ध्यान में रखकर चुना है, लेकिन उन्हें अपनी गेंदबाजी में विविधता लाने की सख्त जरूरत है। दूसरे टी20 के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने हालांकि किसी विशेष खिलाड़ी का नाम नहीं लिया, लेकिन बिश्नोई के उस महंगे ओवर को हार का मुख्य कारण जरूर माना।