खेल रत्न विवाद पर मनु भाकर ने दी सफाई, कहा- नामांकन में हुई चूक को सुधार रहे
पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने पुरस्कार विवाद पर कहा कि एथलीट का काम प्रदर्शन करना है, आवेदन में हुई चूक को ठीक किया जा रहा है।
तस्वीर में भारतीय निशानेबाज मनु भाकर शूटिंग रेंज में पिस्टल से निशाना साधते हुए।
पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली निशानेबाज मनु भाकर का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए अनुशंसित सूची में शामिल नहीं होने के बाद उठे विवाद पर उन्होंने मंगलवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की। मनु भाकर ने कहा कि नामांकन दाखिल करते समय संभवत: उनकी ओर से चूक हुई है, जिसे अब सुधारा जा रहा है।
मनु भाकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए उनके नामांकन को लेकर चल रहे मुद्दे के संबंध में वह स्पष्ट करना चाहती हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका अपने देश के लिए खेलना और प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार और सम्मान उन्हें प्रेरित करते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य नहीं हैं।
मनु भाकर ने लिखा, “With regards to ongoing issue for my nomination for the most prestigious Khel Ratna award, I would like to state that as an athlete, my role is to play and perform for my country. Awards and recognition keep me motivated but are not my goal. I believe there has been a lapse, maybe on my part while filing for the nomination which is being corrected. Irrespective of the award, I shall remain motivated to win more medals for my country. It is a request to everyone, please do not speculate on this matter.”
यह बयान उस समय आया जब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए अनुशंसित नामों में मनु भाकर का नाम नहीं होने पर विवाद खड़ा हो गया था। खेल मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि मनु भाकर का नाम इसलिए विचार में नहीं आया क्योंकि उन्होंने खेल पुरस्कारों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन नहीं किया था। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह भी कहा था कि सूची अभी अंतिम नहीं हुई है और प्रक्रिया जारी है।
मनु भाकर 22 वर्ष की उम्र में पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतकर स्वतंत्र भारत में एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनी थीं। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा और सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे।
विवाद के बीच मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर और उनके कोच जसपाल राणा ने खेल मंत्रालय और चयन समिति के फैसले पर सवाल उठाए थे। उनके पिता ने कहा था कि उन्होंने पुरस्कार के लिए आवेदन किया था और समिति की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। वहीं, सोमवार को राष्ट्रीय राइफल संघ ने खेल सचिव सुजाता चतुर्वेदी को पत्र लिखकर “exceptional grounds” पर मनु भाकर के नाम पर खेल रत्न के लिए विचार करने का आग्रह किया था।
मनु भाकर ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि पुरस्कार मिले या नहीं, उनका लक्ष्य देश के लिए प्रदर्शन करना और अधिक पदक जीतना है। उन्होंने लोगों से इस मामले में अटकलें नहीं लगाने का अनुरोध किया।