उदयपुर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में तोड़फोड़, डॉक्टरों से मारपीट के बाद पुलिस तैनात
मरीज कुलदीप जैन के ऑपरेशन के बाद होश न आने से नाराज परिजनों ने किया हंगामा, आईएमए अध्यक्ष से भी की अभद्रता।
उदयपुर के कुम्हारों का भट्टा स्थित जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में मंगलवार को मरीज के परिजनों द्वारा की गई तोड़फोड़ और डॉक्टरों से मारपीट के बाद सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी।
शहर के कुम्हारों का भट्टा स्थित जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में मंगलवार को उस समय अचानक युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई, जब एक मरीज के इलाज में कथित लापरवाही से आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे मुख्य कांच का गेट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान डॉक्टरों के साथ मारपीट की भी गंभीर घटना सामने आई है, जिसके बाद बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस और आला अधिकारियों को मोर्चा संभालना पड़ा।
घटनाक्रम के अनुसार, लसाड़िया क्षेत्र के कूण निवासी 50 वर्षीय कुलदीप जैन एक भीषण सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। कानोड़ के निकट अचानक सड़क पर नीलगाय आ जाने से उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसके चलते उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया था। उन्हें त्वरित उपचार के लिए कुम्हारों का भट्टा स्थित जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनके हाथों का ऑपरेशन किया।
मरीज के भाई कमलेश जैन ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कुलदीप जैन अस्पताल में भर्ती होने के समय बिल्कुल सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे, लेकिन ऑपरेशन थियेटर से बाहर आने के बाद उन्हें होश ही नहीं आया। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने मरीज की स्थिति को लेकर डॉक्टरों से जानकारी मांगी, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद गंभीर स्थिति में मरीज को अन्य अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।
मरीज की बिगड़ती हालत की खबर फैलते ही परिजनों और समाज के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस हंगामे के दौरान भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और डॉक्टरों पर हमला कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के स्थानीय अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन उग्र भीड़ ने उनके साथ भी अभद्रता की, जिससे उनके कपड़े तक फट गए। बाद में पुलिस और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें बमुश्किल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
मामले की सूचना मिलते ही भूपालपुरा, प्रतापनगर और सूरजपोल थाने की पुलिस टीम भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची। एडिशनल एसपी उमेश ओझा ने भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आक्रोशित लोगों से लंबी समझाइश कर करीब एक घंटे से चल रहे इस भारी उपद्रव को शांत कराया। इस बवाल के कारण अस्पताल के सामने की मुख्य सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। फिलहाल, पीड़ित परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया था और पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुटी हुई है।