राजसमंद: बकाया फीस पर टीसी जारी करने के दबाव के खिलाफ निजी स्कूलों का विरोध

निजी विद्यालय संगठन ने शिक्षा विभाग पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है और बकाया फीस तक टीसी जारी न करने का निर्णय लिया है।

Update: 2026-05-01 07:58 GMT

राजसमंद में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा के नेतृत्व में निजी विद्यालय संगठन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए।

निजी विद्यालयों पर बकाया फीस के बावजूद टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) जारी करने के कथित दबाव को लेकर जिले में विवाद गहराता जा रहा है। निजी विद्यालय संगठन जिला राजसमंद के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा के नेतृत्व में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) राजसमंद से मुलाकात कर विभाग के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी कि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो जिलेभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया कि ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारी निजी विद्यालय संचालकों एवं प्रधानाचार्यों को अनुचित रूप से बाध्य कर रहे हैं कि वे बकाया फीस होने के बावजूद छात्र-छात्राओं की टीसी जारी करें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा ने इसे नियम विरुद्ध आचरण बताते हुए कहा कि विभाग दोहरे मापदंड अपना रहा है। उन्होंने बताया कि एक ओर राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किताबें जमा न होने तक टीसी जारी न की जाए, वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों पर फीस बाकी रहने के बावजूद टीसी देने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है।

संगठन ने CDEO से मांग की कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल नियमों के दायरे में रहकर कार्य करने के लिए पाबंद किया जाए। प्रतिनिधि मंडल ने दो टूक कहा कि जब तक विद्यार्थी की बकाया फीस जमा नहीं होती, तब तक जिले का कोई भी निजी विद्यालय संचालक टीसी जारी नहीं करेगा।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जयपुर में प्रदेश के माननीय शिक्षा मंत्री एवं उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर निजी विद्यालय संचालकों की पीड़ा और विभागीय अधिकारियों की मनमानी से उन्हें अवगत कराएगा।

इस दौरान जिला संयोजक लाल सिंह झाला, सचिव डॉ. गिरीश पालीवाल, संगठन मंत्री शिव शंकर पू्र्बीया, कैलाश शर्मा, भरत कुमावत, चम्पा लाल गायरी एवं दिलिप जोशी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। यह घटनाक्रम जिले में निजी और राजकीय शिक्षा व्यवस्था के बीच बढ़ते टकराव को रेखांकित करता है, जिसके दूरगामी प्रभाव सामने आ सकते हैं।

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