राजसमन्द: निजी विद्यालय संचालकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
निजी स्कूलों ने आरटीई भुगतान, खेल शुल्क विसंगतियों और 181 हेल्पलाइन के दुरुपयोग सहित विभिन्न नीतिगत मुद्दों के समाधान के लिए कुंभलगढ़ विधायक से भेंट की।
राजसमन्द के कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ को उनके कार्यालय में विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपते निजी विद्यालय संगठन के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी।
निजी विद्यालयों की ज्वलंत समस्याओं और नीतिगत विसंगतियों को लेकर निजी विद्यालय संगठन जिला राजसमन्द एवं ब्लॉक आमेट के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने रविवार को कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ से उनके कार्यालय में भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में सहभागी होने के बावजूद निजी विद्यालयों के साथ हो रहे भेदभाव और विभागीय व आर्थिक मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग उठाई।
ज्ञापन के दौरान जिला संरक्षक लालसिंह झाला, जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान, जिला सचिव डॉ. गिरीश पालीवाल, उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा, संगठन मंत्री शिव शंकर पूर्बीया, दिलीप जोशी (नाथद्वारा), कैलाश शर्मा (राजसमन्द), आमेट ब्लॉक अध्यक्ष मुबारिक-अजनबी, नाथद्वारा ब्लॉक अध्यक्ष चतरसिंह चौहान, दिनेश चन्द्र शर्मा, अजयपाल सिंह, जुगल किशोर वर्मा, धर्मेश सालवी, गजेन्द्र सिंह, विष्णु कुमार वैष्णव, गोपाल त्रिपाठी, मनोज सेन, यशवंत त्रिपाठी, रतनसिंह राव, ईश्वर लाल वर्मा, भेरूलाल फुलवारीयां, गजेन्द्र वर्मा, छोटूसिंह सहित नगर एवं ब्लॉक क्षेत्र के अनेक विद्यालय संचालक उपस्थित रहे।
संगठन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत विद्यालयों के समस्त लम्बित भुगतान तत्काल किए जाएं। साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लंबित भुगतान पर विभाग द्वारा अब तक निर्णय नहीं लेने पर आपत्ति जताते हुए इसे शीघ्र जारी करने की मांग की गई। RTE यूनिट कॉस्ट को वर्तमान महंगाई दर के अनुरूप बढ़ाने तथा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता भी उठाई गई।
जिले में निजी विद्यालयों द्वारा आयोजित जिला एवं राज्य स्तरीय खेलों के भुगतान में हो रही विसंगतियों को गंभीर मुद्दा बताते हुए संगठन ने कहा कि विभाग द्वारा अब तक अधिकांश विद्यालयों को देय भुगतान नहीं किया गया है, जबकि प्रतिवर्ष खेल शुल्क अनिवार्य रूप से लिया जाता है। इसके साथ ही 5वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क, समान ड्रेस कोड और अन्य अव्यवहारिक निर्देशों पर तत्काल पुनर्विचार की मांग रखी गई।
ज्ञापन में 181 हेल्पलाइन के दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने बताया कि कई मामलों में अभिभावक विद्यालय प्रबंधन से संवाद किए बिना सीधे शिकायत दर्ज कराते हैं, जिन पर बिना धरातलीय जांच कार्रवाई की जाती है। साथ ही कुछ अभिभावकों द्वारा बिना फीस चुकाए टी.सी. प्राप्त करने के लिए मिथ्या शिकायतें करने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए विभाग को निर्देश जारी करने की मांग की गई कि विद्यालय का पक्ष सुने बिना टी.सी. जारी करने के आदेश न दिए जाएं।
सरकारी योजनाओं जैसे पुस्तकों, साइकिल और वर्दी वितरण में निजी विद्यालयों के छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त कर उन्हें समान नागरिक अधिकार देने की भी मांग की गई। संगठन ने यह भी आश्वस्त किया कि आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक रूप से पीड़ित अभिभावकों को जांच के बाद राहत प्रदान करने में पूरा सहयोग किया जाएगा।
विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी न्यायोचित मांगों को राज्य सरकार और संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाकर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।
वार्ता के दौरान जिला सचिव डॉ. गिरीश पालीवाल ने जानकारी दी कि भीषण गर्मी के चलते अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए 5 मई 2026 से विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने निजी विद्यालयों की समस्याओं को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल को रेखांकित किया।