अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में शुरू करेगा अभियान, भोपाल में कल बड़ी बैठक
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी मध्य प्रदेश में संगठन विस्तार और वंचितों के हक की लड़ाई के लिए भोपाल में रणनीति तैयार करेगी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में सामाजिक न्याय और संगठन विस्तार की रणनीति तैयार करने के लिए अपना दल (एस) 20 मई को भोपाल में प्रादेशिक बैठक आयोजित कर रहा है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज को और अधिक धार देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा राजनीतिक दल अपना दल (एस) आगामी बुधवार 20 मई को राजधानी भोपाल में एक भव्य ‘वर्तमान राष्ट्रीय पदाधिकारी, पूर्व प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणी बैठक सह स्वागत समारोह एवं पत्रकार वार्ता’ का आयोजन करने जा रहा है।
यह कार्यक्रम पार्टी के नवनियुक्त कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के पदचिह्नों पर चलते हुए सूबे के वंचित समाज की लड़ाई को नई दिशा और मजबूती देना बताया गया है।
इस संगठनात्मक महामंथन में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में अपना दल (एस) की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपमाला कुशवाहा तथा राष्ट्रीय सचिव कालका पटेल भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने कार्यक्रम की रूपरेखा और पार्टी के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि अनुप्रिया पटेल ने सड़क से लेकर संसद तक पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों की प्रामाणिक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू करवाने से लेकर केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में पिछड़े वर्ग के छात्रों को उनका अधिकार दिलाने तक, यह सब प्रयास अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में संभव हो पाया है। उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में भी इसी संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा और भोपाल की यह बैठक शोषित समाज को उनका हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी तथा सामाजिक न्याय का संदेश पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
नव-नियुक्त कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल बैठक या स्वागत समारोह नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के माध्यम से संगठन विस्तार और भविष्य की रणनीति का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा तथा जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों और बूथ स्तर तक मजबूत कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य गांव, गरीब, किसान और आदिवासी समाज के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाना और सड़क से लेकर शासन तक उनके लिए संघर्ष करना है तथा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अपना दल (एस) का यह कदम मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकता है। लंबे समय से प्रदेश का पिछड़ा और दलित वर्ग खुद को सरकारी नीतियों से ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष इस वर्ग को जमीनी स्तर पर नेतृत्व देने में विफल रहा है, ऐसे में अपना दल (एस) खुद को एक मजबूत और सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित करने की तैयारी में है।
अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जिस तरह पिछड़ों की राजनीति को नई दिशा मिली है, उसी मॉडल पर अब मध्य प्रदेश में भी सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति तैयार की जा रही है। भोपाल में होने जा रही यह बैठक आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक शंखनाद मानी जा रही है, जिससे राज्य के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।