मुंबई: मानसून पूर्व नाला सफाई का महा-निरीक्षण करेंगे पालकमंत्री और बीएमसी अधिकारी
पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा और बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त 12 मई को पूर्व उपनगरों के प्रमुख नालों में गाद निकालने के कार्य की समीक्षा कर पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
मुंबई: मानसून के दस्तक देने से पहले मुंबई को जलजमाव की समस्या से मुक्त करने और नाला सफाई कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार, 12 मई 2026 को सुबह 8:30 बजे से पूर्व उपनगरों में एक विशेष 'महा-निरीक्षण' दौरे का आयोजन किया गया है। प्रशासन की ओर से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य धरातल पर चल रही सफाई व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लेना है, ताकि भारी वर्षा के दौरान मुंबईकरों को बाढ़ जैसी भयावह स्थिति का सामना न करना पड़े। इस निरीक्षण की विशेषता यह है कि इसमें जन प्रतिनिधियों के साथ बीएमसी के आला अधिकारी भी जमीन पर उतरकर वस्तुस्थिति की पड़ताल करेंगे।
इस उच्चस्तरीय दौरे में मुंबई उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा, मुंबई भाजपा अध्यक्ष व विधायक अमित साटम, विधायक मिहिर कोटेचा, विधायक पराग शाह और सदन के नेता गणेश खणकर विशेष रूप से सम्मिलित होंगे। उनके साथ बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपीन शर्मा, स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, विभिन्न वार्डों की अध्यक्ष साक्षी दलवी और आशा मराठे सहित स्थानीय पार्षद भी उपस्थित रहेंगे। निरीक्षण के निर्धारित क्रम के अनुसार, टीम सबसे पहले मुलुंड के 'बाउंड्री नाला', तत्पश्चात भांडुप के 'एपीआई' व 'उषा नगर नाला', विक्रोली के 'ऑक्सीजन नाला' और घाटकोपर के 'लक्ष्मीबाग' व 'सोमैया नाले' का दौरा करेगी। इसके अतिरिक्त एम-पश्चिम वार्ड के 'सुभाष नगर' और 'माहुल नाले' में गाद निकालने के कार्य की समीक्षा भी की जाएगी।
सदन के नेता गणेश खणकर ने स्पष्ट किया कि इस संयुक्त दौरे के माध्यम से लोक प्रतिनिधि और अधिकारी सीधे नालों के पास पहुंचकर गाद निकालने की वर्तमान गति और गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर कार्य में ढिलाई या गुणवत्ता में त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधित विभाग को तत्काल कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का यह स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व शहर के सभी प्रमुख और छोटे नालों की 100 प्रतिशत सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे नगर की जलनिकासी प्रणाली सुचारू रूप से कार्य कर सके और नागरिकों को जलभराव से वास्तविक राहत प्राप्त हो।