मुंबई में बीएमसी की बड़ी कार्रवाई, 52,448 अवैध बैनर-पोस्टर हटाए, QR कोड से होगी पहचान
बीएमसी ने 52,448 अनधिकृत बैनर हटाए; अब विज्ञापनों की वैधता जांचने के लिए क्यूआर कोड प्रणाली लागू करने की योजना।
मुंबई की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध विज्ञापनों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सख्त कार्रवाई की है। शहर की सुंदरता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों को अनधिकृत बैनर, फ्लेक्स बोर्ड व पोस्टरों से मुक्त करने के लिए चलाए गए अभियान के तहत 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 52,448 अवैध विज्ञापन हटाए गए हैं। वहीं, विज्ञापन बोर्डों की वैधता की पहचान आसान बनाने के लिए बीएमसी सभी अधिकृत बोर्डों पर क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था पर भी विचार कर रही है।
बीएमसी की टीमों ने इस अवधि में पूरे मुंबई शहर में कार्रवाई करते हुए 52,448 अनधिकृत बैनर, फ्लेक्स बोर्ड और पोस्टर हटाए। महानगरपालिका की इस मुहिम से बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों पर कार्रवाई तेज हुई है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत रूप से लगाए जाने वाले बैनर और पोस्टर न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि कई बार राहगीरों और यातायात के लिए भी परेशानी पैदा करते हैं।
इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बीएमसी एक आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत मुंबई में लगाए जाने वाले सभी वैध और अधिकृत विज्ञापन बोर्डों पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य किया जा सकता है। इस व्यवस्था के लागू होने पर आम नागरिक और बीएमसी अधिकारी किसी भी विज्ञापन बोर्ड पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी वैधता की जांच कर सकेंगे।
क्यूआर कोड के माध्यम से यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि संबंधित विज्ञापन बोर्ड नियमानुसार अधिकृत है या उसे बिना अनुमति लगाया गया है। इससे अवैध विज्ञापनों की पहचान करने और उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बीएमसी की इस पहल को शहर में स्वच्छता और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थलों को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर महानगरपालिका ने 16 अक्टूबर 2026 तक 52,448 अनधिकृत विज्ञापन हटाए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित क्यूआर कोड व्यवस्था के जरिए भविष्य में विज्ञापन बोर्डों की वैधता की जांच को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की तैयारी की जा रही है।