कोटा कॉलेज में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा क्षतिग्रस्त, अभाविप ने नई प्रतिमा स्थापना की मांग उठाई

कोटा राजकीय महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद अभाविप ने नई प्रतिमा स्थापना और कार्रवाई की मांग उठाई।

Update: 2026-07-10 14:53 GMT

तस्वीर में अभाविप कार्यकर्ता राजकीय महाविद्यालय कोटा परिसर में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के पास मौजूद दिखाई दे रहे हैं।

विद्यार्थी दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, कोटा में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और परिसर स्वच्छता अभियान के दौरान प्रतिमा अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने प्रतिमा की जर्जर स्थिति को घटना का कारण बताते हुए उसके स्थान पर शीघ्र नई एवं भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है।

अभाविप द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा अत्यधिक जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने के कारण क्षतिग्रस्त हुई, जिससे उपस्थित विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने गहरी पीड़ा व्यक्त की। अभाविप ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और उनके विचारों के आधार पर संगठन पिछले सात दशकों से अधिक समय से राष्ट्र एवं विद्यार्थी हित में कार्य कर रहा है।

अभाविप ने कांग्रेस पोषित एनएसयूआई पर इस संवेदनशील विषय को राजनीतिक रूप देने और महाविद्यालय परिसर में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। संगठन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती हैं।

अभाविप के अनुसार, यह प्रतिमा संगठन के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रहे विशाल जोशी के कार्यकाल में स्थापित करवाई गई थी और वर्षों से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही है। संगठन ने बताया कि इससे पहले भी महाविद्यालय प्रशासन को प्रतिमा की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए उसके जीर्णोद्धार एवं संरक्षण की मांग की गई थी।

घटना के तुरंत बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय की प्राचार्य से मुलाकात कर क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर जल्द नई एवं भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी। अभाविप ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन ने भी अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया है कि प्रतिमा पहले से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी, जिसके कारण यह घटना हुई।

अभाविप ने कहा कि विद्यार्थियों की आस्था और प्रेरणा के इस केंद्र को जल्द से जल्द गरिमा के अनुरूप पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। संगठन ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि इस विषय पर तथ्यहीन एवं भ्रामक सूचनाओं से बचते हुए महाविद्यालय प्रशासन के आधिकारिक पक्ष और घटना के समय मौजूद विद्यार्थियों के तथ्यात्मक विवरण को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष समाचार प्रस्तुत किया जाए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा ने कहा, "कांग्रेस पोषित छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा असत्य, भ्रामक एवं तथ्यहीन आरोपों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महाविद्यालय प्रशासन स्वयं अपने आधिकारिक वक्तव्य में स्पष्ट कर चुका है कि प्रतिमा पूर्व से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी। इसके बावजूद सत्य को छिपाकर अभाविप एवं उसके कार्यकर्ताओं की छवि धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि कल महिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में बाहरी तत्वों द्वारा महाविद्यालय परिसर में अराजकता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक गरिमा एवं शांतिपूर्ण वातावरण को प्रभावित करना लोकतांत्रिक मूल्यों और छात्रहितों के विपरीत है।

जितेन्द्र लोधा ने बताया कि अभाविप ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत संबंधित सक्षम अधिकारियों से करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर की शांति, सौहार्द और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अभाविप ने स्पष्ट किया कि स्वामी विवेकानंद जी के सम्मान, विद्यार्थी हितों और परिसर की गरिमा से जुड़े किसी भी विषय पर समझौता नहीं किया जाएगा। संगठन ने कहा कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर नई एवं भव्य प्रतिमा की स्थापना तथा परिसर में अराजकता फैलाने वाले दोषी तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई होने तक वह इस विषय को पूरी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ उठाता रहेगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, कोटा महानगर की महानगर मंत्री दीप्ति मेवाड़ा ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में कांग्रेस पोषित छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा बाहरी तत्वों को बुलाकर शैक्षणिक वातावरण प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई, जिसमें एक विद्यार्थी घायल भी हुआ।

दीप्ति मेवाड़ा ने कहा कि एनएसयूआई पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देकर विद्यार्थियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि एनएसयूआई ने देश के किसी भी शिक्षण संस्थान में किसी महापुरुष के सम्मान और उनके विचारों के संरक्षण के लिए कोई सकारात्मक पहल की हो तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभाविप ने सदैव महापुरुषों के आदर्शों के संरक्षण, राष्ट्र पुनर्निर्माण और छात्रहित को प्राथमिकता दी है तथा आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। अभाविप ने महाविद्यालय प्रशासन से पुनः मांग की कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर जल्द नई एवं भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए, जिससे विद्यार्थियों की आस्था और प्रेरणा का यह केंद्र पुनः गरिमापूर्ण स्वरूप में स्थापित हो सके।

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