श्रीजी अस्पताल में हृदय शल्य चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएं, MICS Surgery पर जोर
श्रीजी अस्पताल में 3 आधुनिक Cardiac OTs और नियमित MICS Surgery की सुविधा, विशेषज्ञों ने विश्वस्तरीय हृदय शल्य चिकित्सा सेवाओं की जानकारी दी।
तस्वीर में श्रीजी अस्पताल कोटा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टर नजर आ रहे हैं।
22 सितंबर 2026 को श्रीजी एवं कोटा हार्ट हॉस्पिटल एवं ग्रुप की ओर से नवनिर्मित श्रीजी अस्पताल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में हृदय रोग शल्य चिकित्सा (Cardiac Surgery) के क्षेत्र में उपलब्ध अभूतपूर्व एवं विश्वस्तरीय सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई तथा अस्पताल में मौजूद आधुनिक चिकित्सा व्यवस्थाओं को प्रदर्शित किया गया।
अस्पताल के निर्देशक डॉ. राकेश जिंदल ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र और सम्भवतः पूरे राजस्थान में केवल श्रीजी एवं कोटा हार्ट हॉस्पिटल में ही 3 पूर्णतया आधुनिक, पूर्ण रूप से सुसज्जित एवं Functioning (कार्यशील) Cardiac OTs की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक मरीजों को सुविधा प्रदान की जा सकती है और मरीजों की Safety (सुरक्षा) भी बढ़ती है।
अस्पताल के डॉ. विक्रम गोयल ने बताया कि श्रीजी अस्पताल में नियमित रूप से MICS Surgery (Minimally Invasive Cardiac Surgery) की जा रही है। MICS Surgery के क्षेत्र में अति अनुभवी टीम के साथ अस्पताल में मौजूद Ultra Modern Equipment एवं Infrastructure के माध्यम से मरीजों को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय हृदय शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने MICS Surgery की विशेषताओं के बारे में बताया कि इसमें कोई बोन यानी हड्डी नहीं काटी जाती है (NO BONE CUT), कोई वायरिंग नहीं लगती (NO WIRING), बहुत छोटा चीरा (SMALL INCISION) लगाया जाता है और महिलाओं में करीब-करीब अदृश्य निशान (INVISIBLE SCAR) रहता है। इसके अलावा इसमें बहुत तेज रिकवरी (FASTER RECOVERY), बहुत कम दर्द (MINIMUM PAIN) और बहुत कम रक्त स्राव (LESS BLEEDING) होने की बात बताई गई। अस्पताल की ओर से इन्फेक्शन की सम्भावना नगण्य (0 Infection) होने की भी जानकारी दी गई।
डॉ. विक्रम गोयल ने बताया कि MICS तकनीक करीब 21 वर्ष से दुनिया में उपलब्ध है और करीब 20 वर्ष से भारत के विभिन्न अस्पतालों में इस तकनीक से ऑपरेशन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें Cardiac Surgery का करीब 30 सालों का अनुभव है।
डॉ. विनीत चावला ने बताया कि श्रीजी अस्पताल में सभी प्रकार के जटिल हृदय रोगों के ऑपरेशन सुचारू एवं नियमित रूप से सम्पन्न किए जा रहे हैं। इनमें बाईपास सर्जरी (CABG), वाल्व प्रत्यारोपण एवं रिपेयर (Valve), जन्मजात हृदय रोग (congenital heart defect), एओर्टिक सर्जरी (Aortic Surgery), PVD और सभी सम्भव हृदय एवं वक्ष रोग शामिल हैं।
डॉ. जिंदल ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन हृदय रोगों के क्षेत्र में हाड़ौती में अति आधुनिक एवं विश्वस्तरीय सुविधाएं (Ultra-modern, Sophisticated, Cutting-edge, Technology) उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से श्रीजी अस्पताल न केवल हाड़ौती क्षेत्र के रोगियों के लिए, बल्कि देश और विदेश के अन्य मरीजों के लिए भी एक मील का पत्थर (mile stone) बनता रहे, यही अस्पताल प्रबंधन का लक्ष्य है।