मोशन एजुकेशन कोटा समर वर्कशॉप 2026 में बच्चों ने सीखे एआई और रोबोटिक्स के गुर
कोटा के द्रोणा-1 कैंपस में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यशाला में तकनीकी सत्रों के साथ यूथ पार्लियामेंट और करिकुलम हैक्स का आयोजन हुआ।
मोशन एजुकेशन कोटा द्वारा आयोजित 'समर वर्कशॉप-2026' के दौरान पढ़ाई और बौद्धिक गतिविधियों के बीच विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने तथा उनमें नई ऊर्जा का संचार करने के लिए वाटरपार्क आउटिंग इवेंट का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने विभिन्न गेम्स का आनंद लिया।
गर्मी की छुट्टियों को केवल मोबाइल स्क्रीनों और टीवी तक सीमित रखने की पारंपरिक परिपाटी को बदलते हुए मोशन एजुकेशन ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रचनात्मकता एवं बहुआयामी व्यक्तित्व विकास से जोड़ने के उद्देश्य से 'समर वर्कशॉप-2026' का अभूतपूर्व आयोजन किया। कोटा के द्रोणा-1 कैंपस में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होने वाली इस उच्च स्तरीय वर्कशॉप में आधुनिक शिक्षा, उन्नत तकनीक और सृजनात्मक मनोरंजन का एक ऐसा शानदार व अनोखा मेल देखने को मिला, जिसने समर कैंप के पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह बदल कर रख दिया।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और प्रख्यात एजुकेटर नितिन विजय ने इस रणनीतिक पहल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों के सीमित दायरे में न रखकर उन्हें भविष्य की उन्नत तकनीकों तथा व्यावहारिक जीवन कौशल के लिए पूर्ण रूप से तैयार करना था। इसी दूरदर्शी सोच के साथ तमाम शैक्षणिक व व्यावहारिक गतिविधियों को डिजाइन किया गया था, ताकि बच्चे बिना किसी मानसिक दबाव के सीखते हुए वास्तविक आनंद की अनुभूति कर सकें।
यह वर्कशॉप पारंपरिक क्लासरूम के रटे-रटाए माहौल से बिल्कुल भिन्न नजर आई। यहाँ बच्चों को किताबों की सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, टीमवर्क, कम्युनिकेशन स्किल्स और लीडरशिप जैसी आधुनिक वैश्विक क्षमताओं से गहराई से परिचित कराया गया। कार्यशाला के प्रत्येक दिन की शुरुआत 'मॉर्निंग एनर्जाइजर एक्टिविटी' से होती थी, जिसमें जुंबा, म्यूजिक और डांस के जीवंत माध्यमों से बच्चों में एक नई ऊर्जा का संचार किया जाता था। इस ऊर्जावान शुरुआत के पश्चात आयोजित एआई और रोबोटिक्स सत्रों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी संसार की बुनियादी और गूढ़ जानकारी बेहद सरल, सुगम और रोचक तरीके से प्रदान की गई।
विद्यार्थियों के वैचारिक व तार्किक विकास के लिए आयोजित 'यूथ पार्लियामेंट' (युवा संसद) के दौरान बच्चों ने देश की लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को बेहद करीब से और व्यावहारिक तरीके से समझा। इसमें बच्चों ने स्वयं सांसद, लोकसभा स्पीकर और विभिन्न विभागों के मंत्रियों की भूमिकाएं निभाते हुए देश की शिक्षा, आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया के प्रभाव, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दों पर जोरदार चर्चा की। इस सत्र में हुए तीखे सवाल-जवाब, तार्किक तर्क-वितर्क और गहन बहस के जरिए विद्यार्थियों ने अपनी बेबाक अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व कौशल और तीक्ष्ण तार्किक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।
इस कड़े बौद्धिक अभ्यास के बीच आयोजित 'वाटरपार्क इवेंट' बच्चों के लिए एक बेहद यादगार और रोमांचक अनुभव साबित हुआ। विद्यार्थियों ने वाटर स्लाइड्स, रेन डांस और विभिन्न वाटर गेम्स का भरपूर आनंद उठाया। गहन पढ़ाई और मानसिक गतिविधियों के बीच इस मनोरंजक आउटिंग ने बच्चों के लिए एक पूर्णतः तनावमुक्त माहौल तैयार किया, जिससे वे नई ऊर्जा और नए उत्साह से सराबोर हो उठे।
कार्यशाला के भव्य समापन समारोह के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मोशन एजुकेशन की डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय ने कड़े शब्दों में रेखांकित किया कि आज के इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दौर में केवल किताबी ज्ञान कतई पर्याप्त नहीं है। वर्तमान समय की मांग के अनुसार बच्चों को टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन स्किल्स से पूरी तरह लैस करना अनिवार्य हो चुका है। वर्कशॉप में उपस्थित अभिभावकों ने भी संस्थान की इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि इस कार्यशाला ने बच्चों में विषय को सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया है।
पूरी वर्कशॉप के दौरान पढ़ाई को आसान, सुलभ और दिलचस्प बनाने पर संस्थान का विशेष फोकस रहा। इसके अंतर्गत आयोजित 'करिकुलम हैक्स' सत्र में स्मार्ट मैथ्स और इनोवेटिव साइंस के अनूठे प्रयोगों के जरिए बेहद कठिन माने जाने वाले विषयों को अत्यंत सरल अंदाज में विद्यार्थियों के मस्तिष्क में उतारा गया। इसके अतिरिक्त हिंदी लेखन सुधार, हिंदी व्याकरण की बारीकियों, अंग्रेजी के पोर्टमेंटो और होमोफोन्स जैसे महत्वपूर्ण भाषाई विषयों को गतिविधि आधारित शिक्षण (एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग) के माध्यम से बेहद रोचक बनाया गया। सामाजिक विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत करने के अंतर्गत विद्यार्थियों को देश की वास्तविक चुनाव प्रक्रिया की चरणबद्ध और व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
इसके समानांतर आयोजित एक्सटेम्पोर (आशुभाषण), स्पेल बी और हिंदी वाद-विवाद जैसी उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों के झिझक को दूर कर उनके आत्मविश्वास और पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को निखारने में केंद्रीय भूमिका निभाई। समसामयिक विषयों पर आधारित करंट अफेयर्स और त्वरित क्विज राउंड के जरिए बच्चों के सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी बारीकी से परखा गया। अंततः, संस्थान के ध्रुव कैंपस में आयोजित 'एआई और रोबोटिक्स लैब विजिट' ने बच्चों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला के उपकरणों और भविष्य की तकनीक से रूबरू करवाकर उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक नया आयाम दिया।