कोटा गीता भवन में श्री राधा-कृष्ण मंदिर का शिलान्यास, ओम बिरला ने की शुरुआत
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भूमि पूजन कर नवीन मंदिर की आधारशिला रखी, 7038 वर्ग फीट में 2 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य दो मंजिला ढांचा।
कोटा के गीता भवन में आयोजित शिलान्यास समारोह के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का स्वागत करते मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और गणमान्य अतिथि।
कोटा, 9 मई। शहर के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक और सेवा केंद्र ‘गीता भवन’ में स्थित 60 साल पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के कायाकल्प की ऐतिहासिक शुरुआत शनिवार को हुई। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने वैदिक रीति-विधि से भूमि पूजन कर नवीन मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी। समारोह में क्षेत्रीय विधायक Sandeep Sharma, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन और नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले उन भामाशाहों का सम्मान किया गया, जिन्होंने प्रारंभिक चरण में लगभग 45 लाख रुपए की राशि दान स्वरूप भेंट की है।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गीता भवन को आध्यात्मिक चेतना और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का जीवंत केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है, जहां अयोध्या के श्री राम मंदिर से लेकर काशी, महाकाल, राजस्थान के खाटू श्याम और सालासर धाम जैसे आस्था केंद्रों का पुनर्निर्माण दुनिया को शांति और सनातन संस्कृति का संदेश दे रहा है। उन्होंने कोटा के मथुराधीश जी मंदिर और गोदावरी धाम के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए घोषणा की कि इंदरगढ़ माताजी मंदिर में शीघ्र रोपवे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि गीता भवन चिकित्सा और भोजन सेवा के क्षेत्र में भी अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में जल्द ही मथुराधीश जी कॉरिडोर निर्माण कार्य भी शुरू होगा। समारोह में निर्माण संयोजक कृष्ण कुमार खंडेलवाल, सह-संयोजक कुंती मूंदड़ा, मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय, कोषाध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, महेंद्र मित्तल सहित प्रबंधन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गीता भवन के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने मंदिर के तकनीकी और निर्माण संबंधी पक्षों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान मंदिर का ढांचा 60 वर्ष पुराना और चूने से निर्मित था, जो बढ़ती श्रद्धालु संख्या के कारण अब छोटा पड़ रहा था। पहले मंदिर का हॉल केवल 1350 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बना था, जिसका आकार 30 गुणा 45 फीट था। अब इसे विस्तारित कर 102 गुणा 69 फीट के विशाल स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 7038 वर्ग फीट होगा। कुल 12 हजार वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र में बनने वाला यह भव्य मंदिर दो मंजिला होगा। मंदिर में पहली बार परिक्रमा मार्ग की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ मुख्य हॉल, फ्रंट और साइड बरामदे, आधुनिक प्याऊ, कार्यालय और स्टोर का निर्माण भी किया जाएगा।
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल को विशेष रूप से कलात्मक और दर्शनीय स्वरूप दिया जाएगा। यहां भगवान श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों का जीवंत चित्रण किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जोड़ने का प्रयास होगा। लगभग 2 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस मंदिर के निर्माण में विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों की सेवाएं ली जा रही हैं। निर्माण समिति ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक मंदिर के भव्य स्वरूप का निर्माण पूर्ण कर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ कर दिए जाएं।
कोटा शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में गीता भवन के श्री राधा-कृष्ण मंदिर का यह पुनर्निर्माण एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है, जो आस्था, सेवा और आधुनिक सुविधाओं के संगम के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।