करौली: सपोटरा में कुआँ खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से दो सगे भाइयों की मौत

सपोटरा के अमरगढ़ गाँव में 40 फीट गहरे कुएँ से पानी की मोटर निकालने के दौरान हुआ हादसा, ग्रामीणों और सिविल डिफेंस ने 3 घंटे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।

Update: 2026-05-23 16:15 GMT

करौली के सपोटरा में कुआँ हादसे के बाद रस्सी और चारपाई के सहारे मलबे से शव बाहर निकालते राहत कर्मी।

करौली। राजस्थान के करौली जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ के सपोटरा उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमरगढ़ गाँव में शनिवार को एक पुराने कुएँ की खुदाई करने और उसमें दबी पानी की मोटर निकालने के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। इस भीषण हादसे में दो सगे भाइयों की करीब 15 फीट गहरी मिट्टी के मलबे में दबने से असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई। इस दोहरे हादसे के बाद से पूरे गाँव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


घटनाक्रम के अनुसार, अमरगढ़ निवासी 35 वर्षीय मुकेश और उनका छोटा भाई 32 वर्षीय कमलेश, जो कि रामविलास के पुत्र थे, मोतीपुरा मार्ग स्थित अपने एक पुराने कुएँ में उतरे थे। दरअसल, करीब एक साल पहले इसी कुएँ की मिट्टी ढहने के कारण पानी की मोटर मलबे में दब गई थी। उसी दबी हुई मोटर को बाहर निकालने के प्रयास में दोनों भाई पिछले कई दिनों से कुएँ को और गहरा करने के लिए उसकी खुदाई कर रहे थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे जब दोनों भाई कुएँ के भीतर लगभग 40 फीट की गहराई पर काम कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से मिट्टी की भारी-भरकम ढांग ढह गई। पलक झपकते ही दोनों भाई करीब 15 फीट नीचे गीली मिट्टी के मलबे में पूरी तरह दफन हो गए।


हादसा होते ही घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में ग्रामीण वहाँ एकत्र हो गए। शुरुआत में सरकारी संसाधनों के अभाव के चलते ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से खुद ही स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसी बीच मामले की भनक लगते ही सपोटरा थाना पुलिस, उपखंड अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार और जिला सिविल डिफेंस की आपदा राहत बचाव दल की टीम भी साजो-सामान के साथ मौके पर पहुँची। प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। ग्रामीणों और आपदा प्रबंधन दल ने संयुक्त रूप से करीब ढाई से तीन घंटे तक बेहद विपरीत परिस्थितियों में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।


कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी को हटाकर दोनों युवकों को अचेत अवस्था में कुएँ से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत सपोटरा उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। सपोटरा थानाधिकारी अबजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई है और विधिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।


स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह पीड़ित परिवार मूल रूप से डिकोली कला गाँव का रहने वाला था, जो करीब 25 वर्ष पहले अमरगढ़ गाँव में आकर बस गया था। यहाँ उन्होंने जमीन खरीदी, अपना मकान बनाया और खेतीबाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक बड़े भाई मुकेश की पत्नी की 13 साल पहले ही मौत हो चुकी है और उनके पीछे अब केवल एक इकलौती बेटी बची है। वहीं छोटे भाई कमलेश के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। एक साथ दो सगे भाइयों के चले जाने से पूरे क्षेत्र के ग्रामीण स्तब्ध हैं और अमरगढ़ गाँव के किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला है।

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