श्री अमरापुर स्थान में 450 परिवारों को राशन और आवश्यक सामग्री वितरित
प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली द्वारा मासिक अभियान के तहत जरूरतमंदों को राशन किट, मिट्टी के घड़े और रसीले फलों का वितरण कर सेवा धर्म का निर्वहन किया गया।
जयपुर स्थित श्री अमरापुर स्थान में प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली के सदस्यों द्वारा निर्धन परिवारों को भीषण गर्मी से राहत हेतु राशन सामग्री और जल पात्र भेंट किए गए।
सेवा धर्म को अध्यात्म का प्रतिफल मानते हुए नर सेवा ही नारायण सेवा के सिद्धांत पर आधारित एक व्यापक सेवा आयोजन का सशक्त उदाहरण 3 मई, रविवार को श्री अमरापुर स्थान में देखने को मिला, जहां लगभग 450 निर्धन एवं असहाय परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम ने परमार्थ और सेवा-धर्म की भावना को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें दिन-दुखियों की सेवा को परम सुख का आधार बताया गया।
श्री अमरापुर स्थान प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली द्वारा प्रतिमाह प्रथम रविवार को इस सेवा अभियान के तहत 450 परिवारों को राशन किट वितरित की जाती है। इस क्रम में वितरित की गई राशन किट में नित्य उपयोग की सभी आवश्यक वस्तुओं को शामिल किया गया, जिनमें आटा, चावल, चीनी, चाय पत्ती, दालें, मसाले, तेल, साबुन और सब्जी प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे। यह पहल जरूरतमंद परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक संगठित प्रयास के रूप में सामने आई।
ज्येष्ठ माह में ग्रीष्म ऋतु की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए इस बार राशन सामग्री के साथ-साथ मिट्टी के घड़े, स्टील के राम जारे और फलों का भी वितरण किया गया। इसी अवसर पर सतगुरु स्वामी हरिदास राम जी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शर्बत और मिष्ठान का वितरण कर आयोजन को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया गया।
संतों ने बताया कि ज्येष्ठ माह में जल एवं जल संचयन से जुड़े पात्रों जैसे घड़ा, बोतल और जग का दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इसके साथ ही आम, तरबूज और खरबूजे जैसे रसीले फलों का दान भी अत्यंत उत्तम बताया गया। इसी क्रम में श्री अमरापुर जल मंदिर द्वारा प्रतिदिन संचालित अन्न भोजन प्रसादम में छाछ, शर्बत, लस्सी और मिल्क रोज जैसे शीतल पेय पदार्थों का नियमित वितरण किया जा रहा है।
यह आयोजन न केवल सेवा-भावना का विस्तार करता है, बल्कि समाज में सहयोग, करुणा और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करता है, जो वर्तमान समय में विशेष महत्व रखता है।