जयपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ‘मेंगो ड्रीम्स’ की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जिसमें साझी विरासत, मानवीय रिश्तों और विविधता पर संवाद हुआ।
जयपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ‘मेंगो ड्रीम्स’ की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जिसमें साझी विरासत, मानवीय रिश्तों और विविधता पर संवाद हुआ।
तस्वीर में एसआरएनजी ऑडिटोरियम के अंदर रिफ फिल्म क्लब के सदस्य और आमंत्रित सिनेमा प्रेमी फिल्म 'मेंगो ड्रीम्स' की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान पोस्टर थामे हुए नजर आ रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिफ फिल्म क्लब की ओर से एसआरएनजी ऑडिटोरियम में वर्ष 2016 की चर्चित ड्रामा-एडवेंचर फिल्म ‘मेंगो ड्रीम्स’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। स्क्रीनिंग में रिफ फिल्म क्लब के सदस्यों के साथ आमंत्रित सिनेमा प्रेमियों ने हिस्सा लिया।
जॉन अपचर्च द्वारा निर्देशित ‘मेंगो ड्रीम्स’ एक वृद्ध हिंदू डॉक्टर और एक मुस्लिम ऑटो-रिक्शा चालक की कहानी है, जो एक यात्रा के दौरान गहरी दोस्ती और मानवीय जुड़ाव की मिसाल बनते हैं। डिमेंशिया से जूझ रहे डॉक्टर की इच्छा अपने बचपन के घर को आखिरी बार देखने की है। इसी तलाश में दोनों भारत की यात्रा पर निकलते हैं।
रिफ फिल्म क्लब के फाउंडर सोमेंद्र हर्ष ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में फिल्म की स्क्रीनिंग विशेष रूप से अर्थपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि धर्म, स्मृति, पहचान और इंसानी रिश्तों को केंद्र में रखने वाली यह फिल्म उस भारत की तस्वीर पेश करती है, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमियों के लोग साझा अनुभवों और संवेदनाओं के माध्यम से एक-दूसरे के करीब आते हैं।
स्क्रीनिंग की खास बात यह भी रही कि ‘मेंगो ड्रीम्स’ भारत में आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में दर्शकों को इसे बड़े पर्दे पर देखने का दुर्लभ अवसर मिला। रिफ फिल्म क्लब की इस पहल के जरिए सिनेमा के माध्यम से ऐसी कहानियों तक दर्शकों की पहुंच बनी, जो सामान्य माध्यमों से भारतीय दर्शकों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल फिल्म का प्रदर्शन करना नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर साझी विरासत, मानवीय रिश्तों और भारतीय समाज की विविधता पर संवाद को बढ़ावा देना भी था।
रिफ फिल्म क्लब द्वारा आयोजित यह विशेष स्क्रीनिंग सिनेमा को केवल मनोरंजन के माध्यम के बजाय संवाद, संवेदना और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम के रूप में देखने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।