तस्वीर में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कुलपति प्रो. आनंद भालेराव राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए नजर आ रहे हैं, जिनके साथ एनसीसी कैडेट्स और विश्वविद्यालय के अधिकारी भी उपस्थित हैं।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, राष्ट्रनिर्माण और विकसित भारत के संकल्प के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। किशनगढ़, बांदरसिंदरी स्थित विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस वर्ष पहली बार परेड में एनसीसी कैडेट्स ने भी मार्च किया। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने स्वतंत्रता सेनानियों और असंख्य बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता आंदोलन केवल शहरों तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के प्रत्येक जन की सहभागिता वाला व्यापक जनआंदोलन था। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से पूछना होगा, “क्या हम केवल स्वतंत्र भारत के नागरिक हैं या विकसित भारत के निर्माता भी?” उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगा।

युवा शक्ति की भूमिका पर जोर देते हुए प्रो. भालेराव ने कहा, “जब हम युवाओं को अवसर देते हैं, तो युवा नया इतिहास रचते हैं।” उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी और BrahMos जैसे स्वदेशी प्रयासों को आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती क्षमता का उदाहरण बताया। खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों को उन्होंने करोड़ों भारतीयों के संकल्प की विजय बताया। उन्होंने कहा कि जब CURAJ के विद्यार्थी और शोधार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो वे पूरे देश का मान बढ़ाते हैं।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल आर्थिक, तकनीकी या खेल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, नैतिकता और संस्कारों से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी ऊर्जा राष्ट्रनिर्माण में लगाने का आह्वान किया। नशामुक्त भारत का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि “नशे को ना, जीवन को हाँ” प्रत्येक युवा के जीवन का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने, तथ्यों को समझने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पहचान केवल आंदोलनों से नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र और संस्कारों से बनती है।

प्रो. भालेराव ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार, खेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से ए++ मान्यता, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा श्रेणी-1 विश्वविद्यालय का दर्जा, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा (एनआईआरएफ), क्यूएस रैंकिंग और नेचर इंडेक्स जैसी उपलब्धियों को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि स्कोपस में शोध प्रकाशनों की संख्या 2,352 और एच-इंडेक्स 105 तक पहुंच चुका है। शोध एवं प्रयोगशाला अवसंरचना के विस्तार के लिए लगभग ₹74.53 करोड़ के कार्य किए जा रहे हैं। नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम के माध्यम से 17 स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिला है।

कुलपति ने खेल सुविधाओं, केंद्रीय पुस्तकालय, कर्तव्य द्वार और अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय को नई ऊर्जा और नई पहचान दी है। उन्होंने बताया कि एकेडमिक बिल्डिंग्स, हॉस्टल्स एवं रेजिडेंशियल क्वार्टर्स से संबंधित योजनाएं आगे बढ़ रही हैं तथा 10-बेड अस्पताल के लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है।

उन्होंने स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज की स्थापना की दिशा में फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार किए जाने तथा भविष्य में 400-बेड अस्पताल की परिकल्पना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं और अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

प्रो. भालेराव ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है। विद्यार्थियों को शोध, लेखन, यात्रा तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियां पूरे CURAJ परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं और विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान को इसका श्रेय जाता है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार से पांच संकल्प लेने का आह्वान किया—राष्ट्र को सर्वोपरि रखना, नशामुक्त जीवन अपनाना, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना, ज्ञान-चरित्र एवं संस्कारों को जीवन का आधार बनाना तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना। उन्होंने कहा, “विकसित भारत केवल एक सपना नहीं, एक संकल्प है और CURAJ इस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सशक्त पड़ाव है।”

उन्होंने कहा कि उनके लिए राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय दायित्व, राष्ट्रधर्म, संस्कार और समाधान है और विश्वास व्यक्त किया कि “इसी कर्तव्य द्वार से भारत का भविष्य निकलेगा।”

समारोह के अंत में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल ने किया।

समारोह के दूसरे चरण में कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने विश्वविद्यालय के हर्बल गार्डन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत रक्त चंदन का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने सामूहिक सहभागिता के साथ 1001 पौधे लगाने के मिशन को आगे बढ़ाया। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में विश्वविद्यालय में तैयार की गई हरित जैविक खाद का भी कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को वितरण किया। उन्होंने सभी से पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के अंतर्गत राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन भी किया गया। कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने यात्रा का नेतृत्व किया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभक्ति के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। तिरंगा यात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के संकल्प से सराबोर कर दिया।

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