ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला ₹137 करोड़ का बड़ा रेल प्रोजेक्ट, मार्केट कैप में भारी उछाल
ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर ने भारत-भूटान रेल प्रोजेक्ट के लिए ₹137.60 करोड़ का बड़ा अनुबंध हासिल कर सबको चौंकाया है। क्या यह जीत कंपनी की मार्केट वैल्यू और भविष्य के मुनाफे को नई ऊंचाई पर ले जाएगी? जानिए विस्तार से।
तस्वीर में ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा हासिल किए गए भारत-भूटान रेल प्रोजेक्ट की जानकारी और ग्राफिक्स दिखाए गए हैं। यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।
भारत-भूटान सीमा पर रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देने की दिशा में ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपने संयुक्त उद्यम यानी जॉइंट वेंचर के माध्यम से भारत-भूटान क्रॉस-बॉर्डर रेलवे लिंक के पहले निर्माण पैकेज के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरकर यह अनुबंध अपने नाम किया है। ₹137.60 करोड़ मूल्य का यह अनुबंध कंपनी के लिए बेहद रणनीतिक है, क्योंकि वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹480 करोड़ है। इस जीत के साथ ही कंपनी का ऑर्डर-टू-मार्केट कैप अनुपात 28.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो इसके भविष्य के राजस्व के लिए एक बड़ा उत्प्रेरक साबित होगा।
इस नए अनुबंध के साथ ही ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुमानित ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग ₹1,740 करोड़ हो गया है। कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व ₹365 करोड़ रहा है और कंपनी के ऑर्डर-बुक-टू-बिल का अनुपात 4.5 गुना से अधिक है, जो इसे स्मॉल-कैप इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अग्रणी बनाता है। कंपनी का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत है जिसमें अर्थवर्क, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग जैसे तकनीकी कार्य शामिल हैं। यह सफलता कंपनी को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर से बदलकर एक क्रॉस-बॉर्डर ईपीसी ठेकेदार के रूप में स्थापित करती है।
पिछले 60 दिनों में कंपनी ने ₹70 करोड़ से अधिक के चार बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं, जिनमें 19 जून को जम्मू लेजिस्लेचर कॉम्प्लेक्स के लिए मिला ₹113.54 करोड़ का अनुबंध और 22 जून को मिजोरम में ₹70.18 करोड़ का रखरखाव अनुबंध शामिल है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ दोगुना होकर ₹59.61 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि इसका एबिटडा मार्जिन 22.8 प्रतिशत रहा है। कोकराजहार-गेलेफू क्रॉस-बॉर्डर रेल कॉरिडोर का कुल प्रोजेक्ट ₹3,456 करोड़ का है, जिसमें ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर की भागीदारी इसे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाती है। हालांकि पहाड़ी इलाकों में काम करने और मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों के साथ-साथ कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कंपनी के लिए जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर लेटर ऑफ अवार्ड जारी होने और क्यू1 वित्तीय वर्ष 2027 की आय गति के साथ कंपनी के प्रदर्शन पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है।