राजभाषा पखवाड़े में पश्चिम रेलवे मुख्यालय में हिंदी का संदेश, प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक आयोजित
पश्चिम रेलवे मुख्यालय में राजभाषा प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक हुआ, जिसमें हिंदी के प्रयोग, भाषायी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश दिया गया।
तस्वीर में पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय में अधिकारी राजभाषा प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
17 सितंबर 2026 को पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय भवन परिसर में राजभाषा प्रदर्शनी एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलकर्मियों को हिंदी में काम करने के लिए प्रोत्साहित करना और राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं प्रयोग को बढ़ावा देना रहा।
रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार पश्चिम रेलवे में 7 सितंबर से 23 सितंबर, 2026 तक राजभाषा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान रेलकर्मियों को राजभाषा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 17 सितंबर को पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय भवन परिसर में राजभाषा प्रदर्शनी एवं नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पश्चिम रेलवे के मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री विनोद कुमार द्वारा महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय और अपर महाप्रबंधक का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद महाप्रबंधक ने राजभाषा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी में पश्चिम रेलवे के सभी विभागों में हिंदी में किए जा रहे कार्यों को व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किया गया। महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभागों में हिंदी के प्रयोग से संबंधित कार्यों को देखा।
प्रदर्शनी के बाद रेलकर्मियों ने हिंदी की महत्ता को दर्शाने वाला नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हिंदी भारत की ऐसी समावेशी भाषा है, जिसमें देश की विभिन्न क्षेत्रीय एवं भारतीय भाषाएं माणिक-मोती के समान जड़ित हैं। हिंदी इन भाषाओं की विविधता को आत्मसात करते हुए देश की भाषायी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक, सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों सहित अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्रीमती सुनीता अहिरे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।