मानसी-सहरसा रेल खंड के दोहरीकरण को मिली मंजूरी, 499 करोड़ का बजट जारी
44.40 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर दबाव कम करने के लिए रेलवे ने दोहरीकरण की योजना को मंजूरी दी है, जिससे माल ढुलाई और यात्री क्षमता में वृद्धि होगी।
हाजीपुर। भारतीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण 44.40 किलोमीटर लंबे मानसी-सहरसा रेल खंड के दोहरीकरण हेतु ₹499 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह निर्णय इस मार्ग पर रेल क्षमता में गुणात्मक वृद्धि, परिचालन दक्षता में सुधार और यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की निरंतर बढ़ती मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
वर्तमान में मानसी-सरायगढ़ मार्ग स्थित यह खंड एक एकल-लाइन कॉरिडोर के रूप में संचालित है, जिस पर यात्री और माल का अत्यधिक दबाव बना रहता है। इस मार्ग की सघनता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि यहां प्रत्येक दिशा में 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें निरंतर संचालित होती हैं। इसके अतिरिक्त, यह खंड गेहूं, मक्का, गिट्टी, उबले चावल, सीमेंट, उर्वरक, चावल, नमक, रेत, पत्थर और चीनी जैसी अत्यंत आवश्यक वस्तुओं के परिवहन का एक प्रमुख आधार है। रेल लाइन की वर्तमान क्षमता का उपयोग 108.11 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच चुका है और वर्ष 2028-29 तक इसके 119.34 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जो इस खंड पर अतिरिक्त रेल क्षमता की तत्काल अनिवार्यता को रेखांकित करता है।
प्रस्तावित दोहरीकरण परियोजना इस मार्ग पर अतिरिक्त लाइन क्षमता का सृजन करेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही निर्बाध रूप से सुनिश्चित होगी और परिचालन संबंधी बाधाएं न्यूनतम हो जाएंगी। इस परियोजना के क्रियान्वयन से प्रति वर्ष अतिरिक्त 1.764 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई यातायात को संभालने की क्षमता विकसित होगी। परियोजना का पूर्ण होना कृषि, निर्माण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों के लिए रसद प्रणाली को एक नई मजबूती प्रदान करेगा, जिससे समग्र रूप से क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।