चर्चगेट स्टेशन पर खुला देश का पहला फ्री रेलवे स्टेशन पुस्तकालय
पश्चिम रेलवे और प्रोजेक्ट मुंबई ने मिलकर की अनूठी शुरुआत, विश्व पर्यावरण दिवस पर पूर्व क्रिकेटर एबी डी विलियर्स ने किया उद्घाटन।
मुंबई के चर्चगेट रेलवे स्टेशन के दक्षिण कॉनकोर्स में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान (बाएं से दाएं) दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एबी डी विलियर्स, प्रोजेक्ट मुंबई के सीईओ शिशिर जोशी और अन्य अतिथि रीसायकल्ड प्लास्टिक से बने “लाइब्रेरी जंक्शन” पुस्तकालय का फीता काटकर शुभारंभ करते हुए।
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेन के सबसे व्यस्ततम केंद्रों में से एक, चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अध्याय जुड़ गया। पठन संस्कृति को पुनर्जीवित करने तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे द्वारा प्रोजेक्ट मुंबई के सहयोग से यात्रियों के लिए देश के पहले निःशुल्क सार्वजनिक स्टेशन पुस्तकालय “लाइब्रेरी जंक्शन” की शुरुआत की गई है। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर शुक्रवार, 5 जून, 2026 को इस अभिनव और क्रांतिकारी पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो न केवल लाखों दैनिक यात्रियों की यात्रा को ज्ञानमय बनाएगा बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी एक बड़ा संदेश देगा।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (क्र. 2026/06) के अनुसार, इस दूरदर्शी परियोजना को प्रोजेक्ट मुंबई ने पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल के साथ मिलकर धरातल पर उतारा है। इस पूरी मुहिम को एल एंड टी लिमिटेड (L&T Limited) के सामाजिक पहल सहयोगी का अत्यंत महत्वपूर्ण और मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ है। चर्चगेट स्टेशन के दक्षिण कॉनकोर्स क्षेत्र में आयोजित एक गरिमामयी और भव्य उद्घाटन समारोह में इस अनूठे पुस्तकालय का उद्घाटन दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान एबी डी विलियर्स द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री पंकज सिंह तथा प्रोजेक्ट मुंबई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं संस्थापक श्री शिशिर जोशी बने, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक विशेष बना दिया।
चर्चगेट जैसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन के दक्षिण कॉनकोर्स क्षेत्र में स्थापित इस “लाइब्रेरी जंक्शन” का प्राथमिक उद्देश्य हर वर्ग के यात्रियों और आम नागरिकों तक पुस्तकों की सहज, सुलभ और मुफ्त पहुंच स्थापित करना है, ताकि भागदौड़ भरी जिंदगी में छूटती जा रही पढ़ने की आदत को फिर से प्रोत्साहित किया जा सके। यह पुस्तकालय असल में प्रोजेक्ट मुंबई की व्यापक “रीड मुंबई” पहल का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका मुख्य लक्ष्य समाज के सभी तबकों के लिए एक समावेशी पठन और ज्ञान-वर्धन का अनुकूल स्थान निर्मित करना है। इस पहल की सबसे बड़ी और विस्मयकारी विशेषता यह है कि इस पूरे पुस्तकालय संरचना का निर्माण प्रोजेक्ट मुंबई के “प्लास्टिक रिसाइक्लाथॉन” अभियान के दौरान मुंबई भर से एकत्रित किए गए रीसायकल्ड प्लास्टिक से किया गया है। यह अनूठा प्रयास इस ज्ञान केंद्र को सीधे तौर पर पर्यावरणीय स्थिरता और इको-फ्रेंडली विजन से जोड़ता है।
वर्तमान समय में इस आधुनिक पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की लगभग 1,200 से अधिक अनमोल पुस्तकों का एक समृद्ध और विविध संग्रह पाठकों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस संग्रह में हर उम्र के लोगों की रुचि का ध्यान रखते हुए कॉमिक्स, बच्चों की मनोरंजक कहानी-पुस्तकें, कथा साहित्य (फिक्शन), गैर-कथा साहित्य (नॉन-फिक्शन), स्व-सहायता (सेल्फ-हेल्प) पुस्तकें, महान विभूतियों की आत्मकथाएं, योग विषयक महत्वपूर्ण पुस्तकें तथा सुप्रसिद्ध नेशनल ज्योग्राफिक जैसी ज्ञानवर्धक पत्रिकाएं शामिल की गई हैं। यात्रियों, पाठकों और पुस्तक प्रेमियों की सुचारू सहायता के लिए इस पुस्तकालय में प्रतिदिन सुबह 08.00 बजे से लेकर रात्रि 20.00 बजे तक एक पेशेवर पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन) की तैनाती भी की गई है। इस व्यवस्था के तहत यात्रियों को बेहद आसान शर्तों पर पुस्तकें उधार लेने और उन्हें निर्गमन (इश्यू) की तारीख से दो सप्ताह के भीतर वापस करने की बेहतरीन सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे दैनिक यात्रियों के लिए पढ़ाई को और अधिक सुलभ तथा सुविधाजनक बनाया जा सके।
इस जन-हितैषी पुस्तकालय को समृद्ध बनाने में मुंबई भर के आम नागरिकों, विभिन्न स्थानीय समुदायों और अग्रणी विद्यालयों का अभूतपूर्व और उत्साहजनक सहयोग मिला है, जिन्होंने स्वैच्छिक रूप से भारी मात्रा में पुस्तकें दान की हैं। इसके अतिरिक्त, इन प्राप्त पुस्तकों के व्यवस्थित वर्गीकरण और सूचीकरण (कैटलॉगिंग) के कार्य को पूर्ण करने के लिए कई समर्पित स्वयंसेवकों ने भी अपना अमूल्य श्रमदान दिया है। यह विशाल पुस्तक संग्रह वास्तव में मुंबई की जीवनरेखा उपनगरीय रेल सेवा के प्रति आम नागरिकों के गहरे स्नेह, जुड़ाव और सामूहिक योगदान का जीवंत प्रतीक बन गया है, जो समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच पर लेकर आता है। पश्चिम रेलवे और प्रोजेक्ट मुंबई ने घोषणा की है कि कोई भी नागरिक अपनी पुस्तकें दान करके इस पावन यज्ञ में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है, जिससे “लाइब्रेरी जंक्शन” आने वाले समय में सामूहिक सहभागिता से संचालित होने वाला एक वास्तविक जन-केंद्रित पठन मंच बन सके।
प्रोजेक्ट मुंबई का दूरगामी लक्ष्य आने वाले दिनों में पीपुल-पब्लिक-प्राइवेट (PPP) मॉडल के इस त्रिकोणीय सहयोग के माध्यम से मायानगरी मुंबई के विभिन्न अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अभिनव और आधुनिक पठन केंद्रों का जाल बिछाना और उनका विकास करना है। पश्चिम रेलवे भी अपने करोड़ों यात्रियों के यात्रा अनुभव को और अधिक सुखद, मूल्यवान और बेहतर बनाने के साथ-साथ रेलवे परिसरों में इस तरह की सार्थक, सामाजिक और दूरगामी जनहित पहलों को निरंतर सहयोग और पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।