मध्य रेलवे के मुंबई मंडल ने यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर विशेष अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता सुविधाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट तथा रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में की गई।

मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर पेयजल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया और उन्हें एक समान जल परीक्षण एवं रखरखाव कार्यक्रम के दायरे में लाया गया। 20 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक चले विशेष अभियान के दौरान पेयजल व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कार्य किए गए।

अभियान के तहत मुंबई मंडल की कुल 2913 पानी की टंकियों में से 2479 टंकियों की सफाई की जा चुकी है। यह कुल टंकियों का 85 प्रतिशत से अधिक है। इनमें प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, कार्यालय परिसर और रेलवे कॉलोनियों में स्थित पानी की टंकियां शामिल हैं। शेष 434 टंकियों की सफाई का कार्य वर्तमान में जारी है।

निरीक्षण के दौरान 410 टंकियों में कमियां दर्ज की गईं, जिनमें से 409 कमियों को दूर कर दिया गया है। शेष एक टंकी में कमी को दूर करने का कार्य जारी है। पानी की टंकियों के वेंट और ओवरफ्लो पर कसकर बंद होने वाले ढक्कन तथा जाली लगाने का कार्य सभी 1716 स्थानों पर 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

इसी तरह 26 लीकेज और खराब पाइपलाइनों की पहचान की गई थी, जिनका 100 प्रतिशत सुधार कर दिया गया है। पेयजल के स्रोतों की सुरक्षा की भी जांच की गई। कुल 29 हैंडपंप और बोरवेल स्रोतों की संदूषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच की गई और सभी स्रोत ठीक पाए गए।

अभियान के दौरान 134 स्थानों को दैनिक अवशिष्ट क्लोरीन निगरानी के दायरे में शामिल किया गया। इस अवधि में जांचे गए सभी 349 पानी के नमूनों में जीवाणु संबंधी संदूषण और ई. कोलाई नहीं पाया गया। मध्य रेलवे के अनुसार, वर्तमान में यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य है।

मध्य रेलवे ने सभी स्टेशनों पर सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य पेयजल उपलब्ध कराने तथा एक समान पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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