मध्य रेलवे की एसी लोकल ट्रेनों की लोकप्रियता बढ़ी, 1.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर
2026 की शुरुआत से मई तक यात्रियों की संख्या और राजस्व में भारी वृद्धि, सेवाओं की कुल संख्या 108 तक पहुंची।
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली मध्य रेलवे की वातानुकूलित (एसी) उपनगरीय सेवाएं यात्रियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हो रही हैं। 26 जनवरी 2026 से 20 मई 2026 की अवधि के दौरान, इन वातानुकूलित लोकल ट्रेनों ने 1.50 करोड़ यात्रियों को उनकी मंजिल तक सुरक्षित और आरामदायक तरीके से पहुँचाया है। यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि मुंबईकर अब भीड़भाड़ और गर्मी से निजात पाने के लिए प्रीमियम यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 1.30 लाख यात्रियों ने सफर किया।
यह उल्लेखनीय वृद्धि वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में बेहद प्रभावशाली है। वर्ष 2026 में प्रति सेवा औसतन 1,664 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि 2025 में यह संख्या 1,474 थी, जो प्रति सेवा यात्रियों की संख्या में 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। मध्य रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती माँग को देखते हुए सेवाओं की संख्या में भी व्यापक विस्तार किया है। 26 जनवरी से 20 मई 2026 तक रेलवे ने कुल 8,991 वातानुकूलित लोकल सेवाएँ संचालित कीं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की 6,834 सेवाओं की तुलना में 31.6 प्रतिशत अधिक हैं। सेवाओं में हुई इस वृद्धि का ही परिणाम है कि दैनिक औसत यात्री संख्या 2025 के 87,596 से 48.5 प्रतिशत बढ़कर 2026 में 1,30,075 तक पहुँच गई है।
आर्थिक दृष्टि से भी इन सेवाओं ने मध्य रेलवे के खजाने को मजबूती दी है। जहाँ वर्ष 2025 में इस अवधि का कुल राजस्व 44.27 करोड़ रुपये था, वहीं 2026 में यह बढ़कर 64.40 करोड़ रुपये हो गया। इसी प्रकार, दैनिक औसत राजस्व भी 38.50 लाख रुपये से उछलकर 56.00 लाख रुपये दर्ज किया गया है। रेलवे प्रशासन ने नेटवर्क के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। मई 2025 में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-कल्याण/बदलापूर/टिटवाळा मुख्य मार्ग पर सेवाएँ शुरू होने के बाद संख्या 66 से 80 हुई थी। इसके बाद 26 जनवरी 2026 से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-पनवेल मार्ग पर नई सेवाएँ शुरू होने से कुल संख्या 94 तक पहुँची और मई 2026 में 14 और सेवाएँ जुड़ने से अब मध्य रेलवे पर कुल 108 वातानुकूलित लोकल ट्रेनें दौड़ रही हैं।
मार्च और मई महीनों में यात्रियों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई, जो इन सेवाओं की निरंतर बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला के अनुसार, अधिक सेवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद गाड़ियाँ पूर्ण क्षमता के साथ चल रही हैं, जो यात्रियों के भरोसे को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपनगरीय यात्रियों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के लिए किए जा रहे ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मध्य रेलवे ने सभी यात्रियों से वैध टिकट खरीदकर निर्धारित वातानुकूलित डिब्बों से ही यात्रा करने का औपचारिक आह्वान किया है।