1985 में गढ़वाल राइफल्स से शुरुआत ; जानें कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि जो संभालेंगे CDS की कमान
केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को भारत का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान के 30 मई 2026 को कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह पदभार संभालेंगे। गढ़वाल राइफल्स से जुड़े रहे राजा सुब्रमणि ने सेंट्रल कमांड प्रमुख और NSCS में मिलिट्री एडवाइजर जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि
भारत की सैन्य व्यवस्था में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। रक्षा मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान के बाद यह नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है, जिसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि औपचारिक रूप से पदभार संभालेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तिथि से ही देश के नए CDS के रूप में कार्य करना शुरू करेंगे। इसके साथ ही उन्हें भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स का सचिव भी नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय स्थापित करने वाले सर्वोच्च सैन्य अधिकारी के रूप में स्थापित करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि का सैन्य करियर चार दशकों से अधिक समय तक फैला हुआ है। उन्हें वर्ष 1985 में प्रतिष्ठित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट में कमीशन मिला था। अपने लंबे सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत और उत्तरी सीमाओं जैसे संवेदनशील इलाकों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक अनुभव के कारण वे भारतीय सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं।
वर्तमान में वह 1 सितंबर 2025 से नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक भारतीय सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे। इसके अलावा मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने सेना की सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। रक्षा और सामरिक मामलों में उनका अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प बनाता है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण और तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन पर विशेष जोर दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में थिएटर कमांड, सैन्य संसाधनों के बेहतर एकीकरण और आधुनिक युद्ध रणनीतियों को लेकर लगातार काम किया गया है। ऐसे में नए CDS के रूप में राजा सुब्रमणि की नियुक्ति को भारत की रक्षा नीति के अगले चरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
देश की सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि भारत की सैन्य रणनीति और भविष्य की रक्षा तैयारियों से जुड़ा बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि की भूमिका भारतीय सशस्त्र बलों के संयुक्त नेतृत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को नई दिशा देने में निर्णायक साबित हो सकती है।