नोहर कॉलेज में महिला आत्मनिर्भरता पर कार्यशाला, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप पर जोर
नोहर के श्रीमती नर्बदा देवी बिहानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिला आत्मनिर्भरता, स्वयं सहायता समूह, एमएसएमई, कौशल विकास और स्टार्टअप पर कार्यशाला आयोजित हुई। छात्राओं को बैंक ऋण, रोजगार और आत्मरक्षा तकनीकों की जानकारी दी गई।
तस्वीर में नोहर राजकीय महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला के दौरान उपस्थित वक्ता और जमीन पर बैठी छात्राएं दिख रही हैं।
श्रीमती नर्बदा देवी बिहानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नोहर में 12 अक्टूबर को महिला आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और स्टार्टअप के अवसरों पर कार्यशाला एवं व्याख्यान आयोजित किया गया। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं राजस्थान राज्य महिला नीति-2021 के अंतर्गत महिला प्रकोष्ठ और रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को स्वयं सहायता समूह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कौशल विकास और स्टार्टअप के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सरोज न्यौल ने की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए महिलाएं कम पूंजी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और उसे आगे बढ़ाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।
मुख्य वक्ता आशीष गर्ग ने भारत की अर्थव्यवस्था और विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्टार्टअप और बैंक ऋण के महत्व को समझाते हुए कहा कि बैंक ऋण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं, जबकि स्टार्टअप विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नए करियर विकल्प और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एकता देवी ने छात्राओं को कार्यशाला में प्राप्त जानकारी का व्यावहारिक जीवन में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत प्रशिक्षणार्थियों को वीडियो के माध्यम से आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों की जानकारी भी दी गई। इस तरह कार्यशाला में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. ईशा शर्मा ने किया। इस अवसर पर हीरालाल, सुमन गोस्वामी, डॉ. मोनिका, मीरा भादू, मनजिन्द्र, सुप्रिया, रावल राम, गुरप्रताप, खुशबू, कन्हैयालाल सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।