'ईथा' विवाद खत्म, श्रद्धा कपूर रिलीज से पहले जाएंगी विठाबाई नारायणगांवकर के गांव, परिवार ने दी सहमति

श्रद्धा कपूर की फिल्म 'ईथा' के शीर्षक को लेकर चला विवाद अब खत्म हो गया है। विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार ने निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की सफाई के बाद आपत्ति वापस ले ली है। रिलीज से पहले श्रद्धा कपूर और फिल्म की टीम के नारायणगांव दौरे की भी पुष्टि हुई है।

Update: 2026-07-04 14:07 GMT

फिल्म 'ईथा' के एक दृश्य में पारंपरिक परिधान और आभूषण पहने अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के चारों ओर लोग ताली बजाते हुए दिख रहे हैं।

श्रद्धा कपूर अभिनीत फिल्म 'ईथा' को लेकर शीर्षक पर उठे विवाद ने अब सकारात्मक मोड़ ले लिया है। दिग्गज लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार ने फिल्म के शीर्षक पर अपनी आपत्ति वापस ले ली है। इसके साथ ही फिल्म की टीम अगस्त में रिलीज से पहले नारायणगांव जाने की तैयारी कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्देशक लक्ष्मण उतेकर ने विठाबाई नारायणगांवकर के परिवार से बातचीत कर उन्हें बताया कि बायोपिक का नाम 'ईथा' क्यों रखा गया है। बताया गया कि उनकी इस व्याख्या से परिवार संतुष्ट हो गया और उसने अपनी आपत्ति वापस ले ली।

एनडीटीवी से बातचीत में विठाबाई के पोते मोहित नारायणगांवकर ने कहा, “हां, बिल्कुल, हम संतुष्ट हैं। उन्होंने हमसे फोन पर बात की। हमने अनुरोध किया था कि फिल्म का शीर्षक बदला जाए, लेकिन उन्होंने समझाया कि ग्रामीण इलाकों में विठाबाई को पहले ‘ईथा’ के नाम से जाना जाता था। इसी वजह से उन्होंने फिल्म का यह शीर्षक चुना। अब हमें इससे कोई समस्या नहीं है।”

मोहित ने फिल्म में तमाशा और लावणी समुदाय के चित्रण की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “फिल्म बहुत सकारात्मक तरीके से बनाई गई है। इसमें तमाशा और लावणी समुदाय को बेहद सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। हम संतुष्ट हैं। अब कोई मुद्दा नहीं है।”

उन्होंने यह भी बताया कि श्रद्धा कपूर और फिल्म की टीम 28 अगस्त को फिल्म की रिलीज से पहले नारायणगांव आने वाली है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह दौरा रिलीज के बाद होगा, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “नहीं, रिलीज के बाद नहीं। रिलीज से पहले।”

मोहित ने बताया कि उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अनुरोध किया है कि फिल्म का पहला प्रीमियर नारायणगांव में आयोजित किया जाए, जिसे तमाशा की तीर्थस्थली माना जाता है। उनके अनुसार, लक्ष्मण उतेकर ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और भरोसा दिलाया कि पूरी टीम गांव का दौरा करेगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या श्रद्धा कपूर भी इस दौरे का हिस्सा होंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, हां।”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के फिल्म एवं सांस्कृतिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष बाबासाहेब पाटिल ने भी पुष्टि की कि इस मुलाकात की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा, “हां, वे उनसे मिलने जा रहे हैं। यह बिल्कुल सही है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दौरे में श्रद्धा कपूर और लक्ष्मण उतेकर के शामिल होने की संभावना है, हालांकि अंतिम कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।

फिल्म के शीर्षक को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के फिल्म एवं सांस्कृतिक विभाग ने सवाल उठाया था कि बायोपिक का नाम विठाबाई नारायणगांवकर के नाम पर रखने के बजाय 'ईथा' क्यों रखा गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

हालांकि बाद में विठाबाई की बड़ी बेटी मंगला बंसोडे करावडीकर ने स्पष्ट किया कि परिवार को फिल्म के शीर्षक पर कोई आपत्ति नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “हमें फिल्म के शीर्षक पर कोई आपत्ति नहीं है। मैंने मोहित से बात की है और उनसे अनुरोध किया है कि वह इस विषय पर आगे कोई बयान न दें। यह शीर्षक उपयुक्त है क्योंकि उन दिनों जिन गांवों में मेरी मां प्रस्तुति देती थीं, वहां के लोग उन्हें अक्सर ‘ईथा’ कहकर बुलाते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं सात साल की उम्र से मंच पर प्रस्तुति दे रही हूं और मैंने लोगों को मेरी मां को इसी नाम से पुकारते हुए सुना है। हमें खुशी है कि इस फिल्म के माध्यम से लोग मेरी मां और उनके अपने कला के प्रति समर्पण के बारे में जानेंगे।”

लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी 'ईथा' दिग्गज लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है। फिल्म में श्रद्धा कपूर, रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 28 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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