सुशांत की मृत्यु के 6 साल बाद रिया का बड़ा बयान ; आखिर कैसे आर्यन खान केस ने पुरानी यादें फिर जगा दीं

रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद हुए अपने जेल अनुभव, मीडिया ट्रायल और मानसिक आघात पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि NCB गिरफ्तारी के बाद 27 दिन जेल में रहना उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था। साथ ही उन्होंने आर्यन खान केस से जुड़ी भावनात्मक समानता और अपने PTSD जैसे अनुभवों का भी उल्लेख किया।

Update: 2026-06-02 14:13 GMT

रिया चक्रवर्ती, दिवगंत सुशांत सिंह राजपूत और आर्यन खान 

2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमयी मृत्यु के बाद शुरू हुई घटनाओं की श्रृंखला ने भारतीय फिल्म उद्योग और सार्वजनिक विमर्श को लंबे समय तक झकझोर कर रखा। इस पूरे प्रकरण से जुड़ी अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने एक बार फिर उस दर्दनाक दौर को याद करते हुए अपने जीवन पर पड़े गहरे मानसिक और भावनात्मक प्रभावों का विस्तार से उल्लेख किया है। उनके अनुसार यह समय उनके जीवन का सबसे कठिन और परिवर्तनकारी दौर साबित हुआ, जिसने उनकी मानसिक स्थिति और आत्म-धारणा दोनों को प्रभावित किया।

रिया चक्रवर्ती ने बताया कि 2020 की जांचों और घटनाक्रम के दौरान उन्हें तीव्र मीडिया ट्रायल, सार्वजनिक आलोचना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा की गई कार्रवाई के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्होंने लगभग 27 दिन जेल में बिताए। अभिनेत्री के अनुसार यह अनुभव अत्यंत अमानवीय और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था, जहाँ व्यक्ति अपनी पहचान खो देता है और केवल एक “संख्या” बनकर रह जाता है, जिसे समाज में अनुपयुक्त मानकर अलग कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जेल में बिताया गया समय आत्मसम्मान को गहराई से प्रभावित करने वाला था, जिसमें व्यक्ति लगातार अपनी स्वतंत्रता, भविष्य और सामाजिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता में रहता है। रिया ने इसे ऐसा अनुभव बताया जिसने उनकी आत्म-छवि को पूरी तरह झकझोर दिया और उन्हें गंभीर चिंता, भय तथा आत्म-पहचान के संकट से गुजरना पड़ा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह दौर उनके लिए केवल कानूनी लड़ाई नहीं था, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से एक गहरा आघात था।

अभिनेत्री ने आगे कहा कि लगभग छह साल बीत जाने के बाद भी इस पूरी घटना का प्रभाव उनके जीवन में पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस अनुभव के बाद वे समय-समय पर “विक्टिम-स्पाइरलिंग” की अवस्था से गुजरती हैं, जिसमें दुख, चिंता, गुस्सा, शोक और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) जैसे लक्षण शामिल होते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ये भावनाएँ आज भी कभी-कभी वापस उभर आती हैं और उनके मानसिक संतुलन को प्रभावित करती हैं।

रिया चक्रवर्ती ने यह भी बताया कि जब उन्होंने अभिनेता आर्यन खान को 2021 के ड्रग्स मामले में गिरफ्तार होते और मीडिया ट्रायल का सामना करते देखा, तो उन्हें अपने पुराने अनुभवों की गहरी और दर्दनाक यादें वापस आ गईं। उनके अनुसार यह मामला उनके लिए बेहद संवेदनशील था क्योंकि परिस्थितियाँ उनके अपने अनुभवों और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के मामले से काफी मिलती-जुलती प्रतीत हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों मामलों में मीडिया की भूमिका और सार्वजनिक धारणा की प्रकृति लगभग समान महसूस हुई।

इसी भावनात्मक समानता के चलते रिया चक्रवर्ती ने आर्यन खान से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया और उन्हें समर्थन देने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस विषय पर मीडिया में बहुत कम बात की है और अपनी निजी बातचीत को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा है। रिया के अनुसार यह समय उनके लिए फिर से भावनात्मक रूप से बहुत कठिन था क्योंकि यह उन्हें उनके जीवन के सबसे अंधकारमय दौर में वापस ले गया।

उन्होंने अपने जेल अनुभव को याद करते हुए कहा कि सबसे कठिन बात यह थी कि व्यक्ति को समाज से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। उनके अनुसार जेल में व्यक्ति केवल एक “नंबर” बनकर रह जाता है और उसकी पहचान, सम्मान तथा मानवीय अस्तित्व पीछे छूट जाता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में व्यक्ति की मानसिक स्थिति गहराई से प्रभावित होती है और आत्मसम्मान पूरी तरह टूटने लगता है। परिवार से दूरी और अनिश्चित भविष्य इस अनुभव को और अधिक कठिन बना देते हैं।

उल्लेखनीय है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का निधन 14 जून 2020 को हुआ था। 2 जून 2026 तक इस घटना को लगभग छह वर्ष पूरे होने के करीब माना जा रहा है, हालांकि यह अभी पूर्ण रूप से छह वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। इस पूरे मामले और उसके बाद हुए कानूनी एवं मीडिया विवादों ने कई लोगों के जीवन पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। 

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