पद्म पुरस्कार 2026 में बड़े नामों का सम्मान ; कला, संगीत और सिनेमा के दिग्गजों को मिला विशेष सम्मान

पद्म पुरस्कार 2026 का भव्य आयोजन 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में हुआ, जहां अलका याज्ञिक को पद्म भूषण, आर. माधवन और प्रोसेनजीत चटर्जी को पद्म श्री तथा ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण मिला। 131 हस्तियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

Update: 2026-05-25 14:44 GMT

पद्म पुरस्कार समारोह में अलका याज्ञिक, ममूटी और धर्मेंद्र सम्मानित

भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा और प्रस्तुति इस वर्ष एक विशेष अवसर के रूप में दर्ज की गई, जब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रथम नागरिक अलंकरण समारोह (Civil Investiture Ceremony) में देश की नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया गया। यह समारोह 25 मई 2026 को आयोजित हुआ, जिसका संचालन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किया गया।


इस वर्ष कुल 131 पुरस्कार विजेताओं का चयन पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणियों में किया गया, जिनमें कला, सिनेमा, संगीत, सार्वजनिक जीवन, साहित्य, खेल और सामाजिक सेवा जैसे विविध क्षेत्र शामिल रहे। समारोह में देश की सांस्कृतिक और मनोरंजन जगत की कई प्रमुख हस्तियों को उनके दशकों लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन और भी ऐतिहासिक बन गया।


इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याज्ञिक को उनके भारतीय संगीत में असाधारण योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। अलका याज्ञिक को भारतीय फिल्म संगीत की एक ऐसी आवाज़ के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने 1990 के दशक से लेकर आज तक बॉलीवुड संगीत की धारा को नई पहचान दी और अपनी सुरीली गायकी से लाखों श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।

वहीं, लोकप्रिय अभिनेता आर. माधवन को उनके बहुआयामी अभिनय और हिंदी, तमिल तथा अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। अपने करियर में उन्होंने “रहना है तेरे दिल में”, “3 इडियट्स” और “रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट” जैसी फिल्मों के माध्यम से न केवल मनोरंजन जगत में पहचान बनाई, बल्कि सामाजिक रूप से प्रभावशाली भूमिकाओं के लिए भी सराहना प्राप्त की।

बंगाल फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और बंगाली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी अभिनय यात्रा क्षेत्रीय सिनेमा से आगे बढ़कर भारतीय फिल्म संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

इस वर्ष के सम्मान सूची में मलयालम सिनेमा के महान अभिनेता ममूटी को उनके भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया गया। वे भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे सम्मानित और बहुआयामी कलाकारों में से एक माने जाते हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। इसके साथ ही हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। भारतीय फिल्म जगत में उनके दशकों लंबे योगदान को देखते हुए यह सम्मान दिया गया, जो उनके असाधारण सिनेमाई सफर और लोकप्रियता का प्रतीक माना जा रहा है।

पद्म पुरस्कारों की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है और इन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है। यह सम्मान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक माना जाता है। पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं पद्म विभूषण, जो असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है; पद्म भूषण, जो उच्च स्तरीय विशिष्ट सेवा को सम्मानित करता है; और पद्म श्री, जो विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

इस वर्ष के समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि भारत अपनी सांस्कृतिक, कलात्मक और सामाजिक विरासत को सम्मानित करने में निरंतर अग्रणी है। विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को एक ही मंच पर सम्मानित किया जाना देश की विविधता और प्रतिभा की व्यापकता को दर्शाता है।

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