बॉम्बे हाईकोर्ट से निखिल द्विवेदी की कंपनी को बड़ी राहत, IMPPA का फैसला रद्द
न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को आदेश पारित करते हुए IMPPA की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी के विवादित फैसले को रद्द कर दिया।
फिल्म निर्माता निखिल द्विवेदी, जिनकी कंपनी को बॉम्बे हाई कोर्ट से कानूनी राहत मिली है।
प्रोड्यूसर निखिल द्विवेदी की प्रोडक्शन कंपनी सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी द्वारा कंपनी के खिलाफ दिए गए फैसले को रद्द करते हुए मुकदमे का निपटारा कर दिया। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 23 अक्टूबर, 2026 को यह आदेश पारित किया।
सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3 जुलाई, 2026 को IMPPA की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और प्रतिवादी नंबर 2 के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने विवादित फैसले को रद्द कर दिया और कानूनी कार्यवाही का निपटारा कर दिया।
यह अंतिम आदेश अदालत के 9 सितंबर, 2026 को पारित अंतरिम आदेश के बाद आया है। अंतरिम आदेश में IMPPA को विवादित फैसले के आधार पर सफ्रॉन मैजिकवर्क्स को डिफॉल्टर घोषित करने से रोक दिया गया था। इस आदेश के जरिए प्रोडक्शन कंपनी को अंतरिम राहत मिली थी। अब 23 अक्टूबर को पारित अंतिम आदेश के साथ विवादित फैसले को रद्द कर मुकदमे का निपटारा कर दिया गया है।
इस कानूनी घटनाक्रम पर सफ्रॉन मैजिकवर्क्स की ओर से पैरवी करने वाली आनंद एंड नाइक की मधु गडोदिया ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, "हमारे क्लाइंट, सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3 जुलाई 2026 को इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन कमेटी के दिए गए फैसले को चैलेंज करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बॉम्बे हाई कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 23 अक्टूबर 2026 को अपने आदेश में इस फैसले को रद्द करते हुए मुकदमे का निपटारा कर दिया। यह मामला इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और डिपेंडेंट नंबर 2 के खिलाफ दायर किया गया था। सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से श्री रश्मिन खांडेकर, श्री ध्रुव गांधी, मधु गडोदिया, श्री विवेक द्विवेदी, सुश्री विनीता दांडेकर और श्री आर्यन गर्ग ने पैरवी की। इस मामले में उन्हें आनंद एंड नाइक द्वारा निर्देश दिए गए थे। हम इसे एक जरूरी डेवलपमेंट मानते हैं। नतीजा खुद सब बयां करता है।”
अदालत के अंतिम आदेश के बाद IMPPA की डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमेटी का संबंधित फैसला प्रभावी नहीं रहा। इस घटनाक्रम से सफ्रॉन मैजिकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को कानूनी राहत मिली है। मामले के निपटारे के साथ इस मुकदमे में अब कोई कार्यवाही बाकी नहीं है।