कृति सेनन के पर्सनैलिटी राइट्स पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, मांगे रिसर्च पेपर और पुराने फैसले
कृति सेनन ने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने प्रवीण आनंद से शोध पत्र और पुराने फैसले मांगे हैं। मामले में अधिकार क्षेत्र और कानूनी संरक्षण के दायरे पर 29 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन, जिन्होंने अपनी पहचान, आवाज और तस्वीर के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल से सुरक्षा पाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने नाम, आवाज, चेहरे, तस्वीरों और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षा पाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 16 अक्टूबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े कानूनी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल करने के लिए उनकी ओर से पेश वकील प्रवीण आनंद से शोध पत्र और पुराने न्यायिक फैसलों का संकलन मांगा। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसे मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट के बौद्धिक संपदा प्रभाग (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन यानी IPD) के अधिकार क्षेत्र में आती है।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने सुनवाई के दौरान कहा कि पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले अदालत के सामने बार-बार आ रहे हैं। इसलिए इस विषय पर केवल कृति सेनन की याचिका तक सीमित रहने के बजाय व्यापक कानूनी समीक्षा की आवश्यकता है। अदालत ने प्रवीण आनंद से इन अधिकारों का दायरा स्पष्ट करने, किसी व्यक्ति की पहचान के किन पहलुओं को कानूनी संरक्षण मिल सकता है और ऐसे विवादों की सुनवाई के लिए उपयुक्त न्यायिक मंच कौन-सा है, इस पर विस्तृत सामग्री प्रस्तुत करने को कहा।
सुनवाई के दौरान प्रवीण आनंद ने दलील दी कि पर्सनैलिटी राइट्स में किसी व्यक्ति का नाम, आवाज, चेहरा, छवि, तस्वीरें और वीडियो शामिल हो सकते हैं। उन्होंने सहमति या प्राधिकरण के बिना किसी व्यक्ति की पहचान का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा भी उठाया। अदालत ने इस विषय पर संबंधित न्यायिक नजीरों और शोध सामग्री के माध्यम से कानूनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
न्यायमूर्ति कौरव ने वकील से पूछा, “क्या आप कुछ शोध पत्र दे सकते हैं? कृपया फैसलों का संकलन दीजिए। पर्सनैलिटी राइट्स से संबंधित निर्णय और इस विषय पर आपकी समझ भी प्रस्तुत कीजिए।” अदालत ने कहा कि उपलब्ध सामग्री की समीक्षा करने के बाद वह विस्तृत आदेश पारित करने पर विचार करेगी। प्रवीण आनंद ने अदालत को बताया कि आवश्यक दस्तावेज उसी दिन प्रस्तुत कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कृति सेनन के मामले में अधिकार क्षेत्र से संबंधित कोई समस्या नहीं है।
मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। अदालत का ध्यान पर्सनैलिटी राइट्स की कानूनी सीमाओं के साथ-साथ हाई कोर्ट के बौद्धिक संपदा प्रभाग के अधिकार क्षेत्र पर भी है।
पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर बढ़ रहे हैं मामले
कृति सेनन की याचिका ऐसे समय आई है, जब अभिनेता, खिलाड़ी और अन्य सार्वजनिक हस्तियां अपनी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षा के लिए अदालतों का रुख कर रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट पहले भी अभिनेत्री कंगना रनौत, तब्बू और विजय देवरकोंडा, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर तथा आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स मामलों पर सुनवाई कर चुका है।
इन विवादों में किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज, चेहरे या पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं का बिना अनुमति इस्तेमाल प्रमुख मुद्दा रहा है। डिजिटल मंचों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग ने इस विषय को और जटिल बना दिया है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति की पहचान की नकल करने, डीपफेक वीडियो बनाने या उसकी तस्वीरों और अन्य पहचान संबंधी सामग्री का इस्तेमाल उत्पादों अथवा सेवाओं के प्रचार के लिए किए जाने जैसे मामलों में कानूनी संरक्षण का प्रश्न उठता है।
पर्सनैलिटी राइट्स का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़े पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल और व्यावसायिक दोहन से सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि, ऐसे मामलों में निजता, बौद्धिक संपदा और पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े कानूनी प्रश्न भी सामने आते हैं। अदालत के समक्ष मांगे गए शोध पत्र और पुराने फैसलों का संकलन इन अधिकारों की सीमा तथा ऐसे विवादों की सुनवाई के लिए उचित न्यायिक मंच तय करने में सहायक होगा। कृति सेनन की याचिका पर अब 29 अक्टूबर को आगे सुनवाई होगी।