गौतम अदाणी ने ऊर्जा और डिजिटल सुरक्षा को बताया भारत की नई ताकत
सीआईआई समिट 2026 में अदाणी ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सॉवरेन कंप्यूट को राष्ट्रीय शक्ति का प्रमुख स्तंभ बताया।
नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2026 के दौरान भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा करते गौतम अदाणी।
Gautam Adani ने कहा है कि दुनिया एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर से तय होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत को अपने “इंटेलिजेंस फ्यूचर” का निर्माता और मालिक बनना होगा।
Confederation of Indian Industry की वार्षिक बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि पिछले तीन दशकों से दुनिया को दिशा देने वाला वैश्वीकरण अब तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया सपाट नहीं, बल्कि विभाजित और प्रतिस्पर्धा से भरी हुई है। सेमीकंडक्टर अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि स्टेटक्राफ्ट का हथियार बन चुके हैं। डेटा को राष्ट्रीय संसाधन माना जा रहा है और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर रणनीतिक शक्ति का हिस्सा बन चुका है।
गौतम अदाणी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा अब राष्ट्रीय शक्ति के दो प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “जो देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को नियंत्रित करेगा, वही अपने औद्योगिक भविष्य को शक्ति देगा। जो देश अपनी कंप्यूट क्षमता को नियंत्रित करेगा, वही अपने इंटेलिजेंस भविष्य को तय करेगा।”
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल सॉफ्टवेयर मानने की सोच को गलत बताते हुए कहा कि एआई ऊर्जा, डेटा सेंटर, कंप्यूट, नेटवर्क, चिप्स, टैलेंट और एप्लिकेशन से मिलकर बनने वाला संपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हमारा डेटा विदेशों में प्रोसेस हो रहा है, तो हमारा भविष्य ऐसी भाषा में लिखा जा रहा है, जिस पर हमारा नियंत्रण नहीं है।”
भारत की संभावनाओं पर बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि देश के पास एक अनोखा अवसर मौजूद है, क्योंकि यहां मैन्युफैक्चरिंग, मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं में मांग पहले से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत 500 गीगावॉट से अधिक स्थापित बिजली क्षमता पार कर चुका है और आने वाले वर्षों में एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होगी।
एआई और रोजगार को लेकर उठ रही आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नौकरियां खत्म करने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई से भयभीत होने के बजाय उससे क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है।
गौतम अदाणी ने कहा, “भारत को ऐसा एआई बनाना होगा जो उत्पादकता बढ़ाए, नए उद्योग खड़े करे, छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाए और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करे।”
एनर्जी और एआई सेक्टर में Adani Group के निवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि समूह ने ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें गुजरात के Khavda में 30 गीगावॉट का दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल लोकेशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट शामिल है। उन्होंने भारत में सॉवरेन कंप्यूट इकोसिस्टम विकसित करने के लिए Google
और Microsoft
के साथ साझेदारियों का भी जिक्र किया।
अपने अनुभव साझा करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि उन्होंने जीवन में कई ऐसी चुनौतियों का सामना किया है, जहां संभावनाएं दिखाई नहीं देती थीं। उन्होंने कहा, “भविष्य अपने आप नहीं आता, उसे बनाया जाता है।”
इंटेलिजेंस के दौर में आजादी के मायने समझाते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और कंप्यूट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना तथा अपने लिए सपने देखना ही आज के समय की वास्तविक आजादी है।
अपने संबोधन के अंत में गौतम अदाणी ने कहा कि अगला स्वतंत्रता संग्राम ग्रिड्स, डेटा सेंटर्स, फैक्ट्रियों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और इंसानी दिमागों में लड़ा जाएगा।