डीग में पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि मनाई गई, कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
कस्बे के गांधी पार्क में एकत्रित होकर कांग्रेस पदाधिकारियों ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया।
डीग के गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पंडित जवाहरलाल नेहरू के चित्र के समक्ष खड़े होकर उनके राष्ट्र निर्माण के योगदान को याद करते हुए।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की 62वीं पुण्यतिथि बुधवार को कस्बे के ऐतिहासिक गांधी पार्क में अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस गौरवमयी अवसर पर उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने राष्ट्रनायक के चित्र पर पुष्प एवं मालाएं अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात देश के नवनिर्माण में उनके अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखकर कृतज्ञता व्यक्त की गई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. गोविंद शर्मा ने पंडित नेहरू के ऐतिहासिक संदर्भों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भारत की आजादी के आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके कारण उन्हें भारत के आधुनिक राष्ट्र-राज्य का वास्तुकार माना जाता है। इसी क्रम में ब्लॉक अध्यक्ष सुगड़ सिंह जाटव ने पंडित नेहरू के मानवीय दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के प्रति उनके असीम और निश्छल प्रेम के कारण ही उन्हें आज भी पूरे देश में प्यार से 'चाचा नेहरू' कहकर बुलाया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान शहर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी (नगर) श्रीकांत शर्मा ने पंडित नेहरू के कर्मठ संदेश को याद किया। उन्होंने कहा कि नेहरू जी का प्रसिद्ध नारा था—"आराम हराम है"। इस अमर नारे ने देश के लोगों को आलस्य का परित्याग कर कड़ी मेहनत करने और राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना सर्वस्व योगदान देने के लिए सदैव प्रेरित किया। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए पूर्व पार्षद शिवा गाजिया ने बताया कि वर्ष 1929 के ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन में पंडित नेहरू के प्रखर नेतृत्व में ही पहली बार 'पूर्ण स्वराज' की ऐतिहासिक मांग बुलंद की गई थी, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी।
इसके पश्चात, राजीव गांधी पंचायती राज विभाग के प्रदेश सचिव अशोक कुमार शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें आधुनिक भारत के निर्माण और चाचा नेहरू के रूप में विशिष्ट पहचान मिली। शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामस्वरूप प्रभाती ने उनके ऐतिहासिक कार्यकाल का विवरण देते हुए बताया कि वह स्वतंत्र भारत के ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री थे जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक निरंतर देश का कुशल नेतृत्व किया और उनके इसी अद्वितीय योगदान को आज भी पूरे आदर के साथ याद किया जाता है। सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त कर राष्ट्र के प्रति नेहरू जी की दूरदर्शिता को नमन किया।
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील आयोजन पर पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. गोविंद शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सुगड़ सिंह जाटव, शहर अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा, प्रदेश सचिव राजीव गांधी पंचायत राज अशोक कुमार शर्मा, शिक्षक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रामस्वरूप प्रभाती, पूर्व पार्षद शिवा गाजिया, शहर प्रवक्ता सुनील सैनी, शहर महासचिव शुभम बंसल, एडवोकेट हेमंत सिंह गुर्जर, युवा नेता आनंद यादव बेरू, प्रताप सिंह नौगांव, श्रीचंद्र प्रजापत तथा उमंग शर्मा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए इस श्रद्धांजलि सभा का समापन किया।