मुंबई में केसुली प्रवासियों ने श्रवण सिंह झाला का किया स्वागत
देलवाड़ा पंचायत समिति चुनाव के तहत कुर्ला में आयोजित कार्यक्रम में प्रवासियों ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रवण सिंह झाला का स्वागत करते लोग।
मुंबई। देलवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड नंबर 15 से चुनाव मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशी श्रवण सिंह झाला का मुंबई प्रवास के दौरान केसुली गांव के प्रवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। कुर्ला स्थित तेरापंथ भवन में आयोजित सत्कार समारोह में प्रवासी केसुलीवासियों ने पुष्पमाला पहनाकर और साफा बांधकर उनका सम्मान किया। इस दौरान प्रवासियों ने आगामी चुनाव में उन्हें समर्थन देने की घोषणा भी की।
केसुली फाउंडेशन मुंबई के बैनर तले आयोजित इस समारोह में गांव के प्रवासियों ने झाला के प्रति अपना स्नेह और विश्वास व्यक्त किया। एक दिवसीय मुंबई प्रवास के दौरान मिले सम्मान से अभिभूत श्रवण सिंह झाला ने प्रवासी केसुलीवासियों का आभार जताया।
झाला ने कहा कि मुंबई में रहने वाले केसुली के प्रवासी भाई-बहनों का प्रेम और विश्वास उनके लिए बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रवासियों से चुनाव के समय गांव पहुंचकर आशीर्वाद देने की अपील करते हुए कहा, “आप सभी चुनाव के समय गांव पधारकर मुझे अपना आशीर्वाद दें। मैं आपके हर सुख-दुख में चट्टान की तरह आपके साथ खड़ा रहूंगा और गांव के विकास एवं जनहित के लिए पूरी मजबूती से कार्य करूंगा।”
उन्होंने केसुली फाउंडेशन की सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी समाज गांव के विकास और सामाजिक सरोकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। झाला ने सामाजिक एकता और भाईचारे को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
समारोह में केसुली फाउंडेशन के अध्यक्ष लहर सिंह, मां कृपा सेवा समिति के अध्यक्ष मान सिंह, संतोष सेन, के.एम. जोशी, मुकेश सेन, भरत सिंह, रमेश प्रजापत, राजू भाई प्रजापत, राजू पालीवाल, मोहब्बत सिंह राजपूत, ओमप्रकाश लोहार, राम सिंह, जीतू सेन, नारायण सेन, सुरेश सिंह, नारायण सिंह, नरेश प्रजापत, किशन सिंह राजपूत, उमेद सिंह राजपूत पीपाड़ा और अर्जुन प्रजापत सहित केसुली पंचायत के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुंबई में आयोजित इस सत्कार समारोह के दौरान केसुली के प्रवासियों ने श्रवण सिंह झाला के प्रति समर्थन व्यक्त किया। गांव के विकास, जनहित और सामाजिक एकता को लेकर उनके साथ संवाद भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा।