भारत जैन महामंडल की गुरुदर्शन यात्रा संपन्न, बीकानेर और लाडनूं में आचार्यों का मिला सान्निध्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड के नेतृत्व में बीकानेर और लाडनूं पहुंची यात्रा में जैन आचार्यों ने समाज को संयम और एकता का संदेश दिया।
भारतीय जैन महामंडल द्वारा आयोजित 'गुरुदर्शन यात्रा 2026' के दौरान बीकानेर और लाडनूं में जैन आचार्यों के सान्निध्य में धर्मसभा में हाथ जोड़कर प्रार्थना करते प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
मुंबई। भारतीय जैन महामंडल की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड के नेतृत्व में आयोजित दो दिवसीय ‘गुरुदर्शन यात्रा 2026’ आध्यात्मिक मार्गदर्शन, प्रवचन और गुरु वंदन के साथ संपन्न हुई। यात्रा के दौरान बीकानेर और लाडनूं में प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न जैन आचार्यों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। सदस्यों ने धर्मसभा, प्रवचन दर्शन, वंदन और सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किए। यात्रा को जैन समाज की एकता, संयम और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया गया।
यात्रा के पहले चरण में भारतीय जैन महामंडल के सदस्य बीकानेर पहुंचे। यहां आचार्य रामलाल महाराज और उपाध्याय प्रवर रमेश मुनि के सान्निध्य में प्रतिनिधिमंडल को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में यात्रा में शामिल सदस्यों का परिचय कराया गया। महामंडल के महामंत्री बाबूलाल बाफना ने अपनी जिज्ञासा प्रस्तुत की, जिसका उपाध्याय प्रवर ने समाधान किया। उन्होंने भगवान महावीर के संयम-दीक्षा दिवस को व्यापक स्तर पर ‘संयम दिवस’ के रूप में मनाने की प्रेरणा दी। इस पहल के माध्यम से समाज में संयम, आत्मानुशासन और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का संदेश दिया गया।
यात्रा के अगले चरण में मंडल के पदाधिकारी लाडनूं पहुंचे। यहां तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य महाश्रमण महाराज, युवा आचार्य प्रवर, साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा और सम्बद्धयशा साध्वीवर्या के सान्निध्य में प्रतिनिधिमंडल को प्रवचन दर्शन, वंदन, प्रवचन और सेवा का लाभ मिला। सदस्यों ने आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान गुरुजनों के सान्निध्य में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
यात्रा के सफल आयोजन में बीकानेर और लाडनूं के स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीकानेर में गौतम रांका, संपत रांका, सुरेंद्र दस्सानी और महेंद्र एम. चौरड़िया सहित स्थानीय सहयोगियों ने यात्रा की व्यवस्थाओं में योगदान दिया। वहीं, लाडनूं में धर्मचंद लूंकड़, प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद और अन्य पदाधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं में भी सहयोग प्रदान किया।
यात्रा संयोजक विनोद कुमार बोहरा ने संपूर्ण यात्रा की व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक संचालन किया। उनके संयोजन में दोनों स्थानों पर प्रतिनिधिमंडल की यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी की गईं।
इस अवसर पर भारतीय जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड, महामंत्री बाबूलाल बाफना, पूर्व अध्यक्ष के. सी. जैन, पूर्व न्यायाधीश के. के. तातेड, भूपेश कोठारी, सुरेश आंचलिया, दिलीप नाबेड़ा, विनोद बोहरा, रोशनलाल बड़ाला, मनसुख कोठारी, महेंद्र एम. चौरड़िया और अनिल खिंवेसरा ने अपने भाव व्यक्त किए और गुरुदर्शन यात्रा के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक अनुभव साझा किए।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दो दिवसीय गुरुदर्शन यात्रा को श्रद्धा, आध्यात्मिक ऊर्जा और जैन समाज की एकता को मजबूत करने वाला अविस्मरणीय अनुभव बताया। बीकानेर से लाडनूं तक आयोजित इस यात्रा में गुरुजनों के सान्निध्य, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और समाज के सदस्यों के आपसी जुड़ाव ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।