बेगूं नेशनल लोक अदालत में 309 प्रकरणों का निस्तारण, लाखों का समझौता
चित्तौड़गढ़ के बेगूं में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बैंक, विद्युत और आपराधिक श्रेणी के लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित समाधान किया गया।
चित्तौड़गढ़ के बेगूं में आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान पक्षकारों के प्रकरणों की सुनवाई करते न्यायिक अधिकारी और उपस्थित अधिवक्ता एवं विभाग प्रतिनिधि।
ताल्लुका विधिक सेवा समिति बेगूं, जिला चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत का संचालन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। लोक अदालत में राजीनामा योग्य मामलों के त्वरित निस्तारण के साथ पक्षकारों को लाखों रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैंकों एवं बिजली विभाग से जुड़े कुल 743 वसूली प्रकरण प्रस्तुत किए गए। प्रकरणों के निस्तारण के लिए ताल्लुका स्तर पर दो बेंचों का गठन किया गया। प्रथम बेंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार ने की। इस बेंच में तहसीलदार गोपाललाल जीनगर ने सदस्य के रूप में राजस्व प्रकरणों की सुनवाई में सहयोग प्रदान किया। द्वितीय बेंच की अध्यक्षता वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष जैलिया ने की।
लोक अदालत में 8 बैंकों एवं बिजली विभाग से संबंधित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, जिसमें पक्षकारों को 5 लाख 97 हजार 583 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। वहीं एडीजे न्यायालय में विचाराधीन मोटर वाहन दुर्घटना, पारिवारिक एवं अन्य राजीनामा योग्य 119 प्रकरणों में से 14 प्रकरणों का निस्तारण कर 3 लाख 40 हजार रुपये की राशि दिलाई गई।
इसके अतिरिक्त एसीजेएम एवं जेएम न्यायालय में विचाराधीन 295 आपराधिक एवं चेक अनादरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों में पक्षकारों को 27 लाख 46 हजार 233 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। इस प्रकार लोक अदालत के दौरान कुल 309 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
द्वितीय बेंच में अधिवक्ता विजय भारद्वाज ने सहयोग प्रदान किया। आयोजन के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह कर प्रकरणों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। कार्यक्रम में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता कुशप्रताप सिंह, सहायक अभियंता गिरिराज मेहर, सहायक राजस्व अधिकारी सुशील जैन सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लोक अदालत के सफल संचालन में अधिवक्ता इफतेखार मोइनुद्दीन अजमेरी, फरीद मोहम्मद मिर्जा, लालूराम कुमावत, अशोक शर्मा, संजय शर्मा, सत्यनारायण माली, संकल्प भट्ट सहित न्यायालय स्टाफ लक्षिता पालीवाल, जितेन्द्र मीणा, सुनील कुमार गुर्जर, बुद्धिप्रकाश श्रृंगी, रूकमेश धाकड़, लोकेश पाटोदिया तथा होमगार्ड राजेश कुमार, महावीर तेली, बलराम चतुर्वेदी और भरत शर्मा ने सक्रिय सहयोग दिया। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण ने न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के साथ पक्षकारों को त्वरित राहत प्रदान की।