मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और पैसों के थैले के साथ उद्योग संयंत्र के प्रतीक के रूप में तमिलनाडु निवेश शिखर सम्मेलन।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। चेन्नई में आयोजित अपनी पहली बड़ी निवेश समिट के दौरान राज्य सरकार ने भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। चेन्नई में हुए इस महत्वपूर्ण 'वेत्री तमिलनाडु इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव 2026' में उद्योग जगत की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से कुल 97 समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस निवेशक सम्मेलन के जरिए तमिलनाडु सरकार को कुल 67,542 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन नए निवेश प्रस्तावों के आने से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और अनुमान है कि इससे प्रदेश में 1.2 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन नए समझौतों के जुड़ने के साथ ही राज्य सरकार के शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही तमिलनाडु में कुल आकर्षित निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है।

राज्य के उद्योग मंत्री कीर्तन ने इस सफलता पर बात करते हुए दावा किया है कि सरकार के कार्यकाल के हर दिन के हिसाब से औसतन करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी परियोजनाएं तमिलनाडु को वर्ष 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के बड़े लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में काफी मददगार साबित होंगी। सरकार का मुख्य जोर केवल चुनिंदा बड़े शहरों तक ही औद्योगिक विकास को सीमित रखने का नहीं है, बल्कि राज्य के कम विकसित जिलों तक भी औद्योगिक गतिविधियों और विकास को पूरी तरह से पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस बड़े निवेश के तहत विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के लिए, एक प्रमुख औद्योगिक समूह ने रिन्यूएबल एनर्जी यानी नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऑटोमोटिव सर्विसेज और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में 2500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 200 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली सोलर, विंड और बैटरी से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी 4000 करोड़ रुपये के निवेश से ओरगडम में 400 एकड़ में फैली कमर्शियल व्हीकल डिजाइन, रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का विस्तार किया जाएगा।

निवेश का यह दायरा सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित न रहकर कई अन्य जिलों तक भी फैल रहा है। रामनाथपुरम में 1000 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना प्रस्तावित है, जिसे इस जिले का पहला सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश माना जा रहा है। इसके साथ ही, कृष्णागिरी में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 2000 करोड़ रुपये और कांचीपुरम में मौजूदा कारोबार के विस्तार हेतु निवेश किया जाएगा। जापान की एक जानी-मानी फास्टनिंग-प्रोडक्ट कंपनी तिरुवल्लूर जिले में 1,651 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है, जिससे अकेले 4316 नौकरियां मिलने की संभावना है। इसी तरह तिरुवल्लूर में 1000 करोड़ रुपये की लागत से एक नए इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव भी रखा गया है। होसुर में प्रीमियम घड़ियों, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स-ऑटोमेशन सुविधाओं के विस्तार के लिए भी 1000 करोड़ रुपये का निवेश तय हुआ है, जिससे लगभग 1200 लोगों को रोजगार मिलेगा। अंतरिक्ष यानी स्पेस सेक्टर और हेल्थकेयर सेक्टर पर भी खास फोकस किया गया है, जिसके तहत स्पेस सेक्टर में 650 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 2000 नौकरियां पैदा होंगी, जबकि लाइफ साइंसेज और फार्मास्युटिकल सेक्टर में 1600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है।