शेयर बाजार में गिरावट के बीच सेंसेक्स के 400 अंक टूटने और प्रमुख शेयरों में बिकवाली के संदर्भ में बाजार का हाल दर्शाया गया है|

भारतीय शेयर बाजार में मंदी का दौर लगातार बना हुआ है और निवेशकों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले चार हफ्तों से बाजार में तेजी से ज्यादा गिरावट का सिलसिला देखा जा रहा है, और यह कमजोर रुख आज मंगलवार को भी जारी है। आज कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही तीस शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स तीन सौ अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ खुला। सुबह नौ बजकर सत्रह मिनट पर सेंसेक्स 75,811.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,743.10 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स के शेयरों में एक्सिस बैंक में सबसे अधिक 1.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के इस सुस्त और लाल निशान वाले हाल को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मुंबई की दलाल स्ट्रीट, जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज स्थित है, पूरी तरह 'बियर' यानी मंदी के कब्जे में आ गई है।

समय बीतने के बाद सुबह नौ बजकर संतावन मिनट पर सेंसेक्स में 410.56 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 0.54 फीसदी लुढ़ककर लाल निशान में 75,722.25 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इसी दौरान निफ्टी भी 0.46 फीसदी यानी 110 अंक गिरकर 23,669.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स के तीस शेयरों में से कुछ शेयरों में हल्की तेजी भी दिखी। टॉप गेनर्स की सूची में इटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील शामिल रहे। इसके विपरीत, टॉप लूजर्स में एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयर भारी बिकवाली के दबाव में लाल निशान के साथ नीचे लुढ़कते हुए नजर आए।

यदि बीते कारोबारी सत्र यानी सोमवार के बाजार के हाल पर नजर डालें, तो स्थिति में कोई सुधार नहीं था। सोमवार को सेंसेक्स लाल निशान में गिरावट के साथ 75,970.28 पर खुला था, जबकि निफ्टी 23,743.10 पर ट्रेड करते हुए शुरू हुआ था। सत्र की समाप्ति पर बाजार बंद होने के दौरान सेंसेक्स 382.62 अंक टूटकर 76,132.81 पर आ गया था। वहीं, निफ्टी भी 118 अंक लुढ़ककर 23,779.15 के स्तर पर बंद हुआ था। सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स के तीस शेयरों में सबसे अधिक मार इन्फोसिस पर पड़ी थी, जो 3.81 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 1,087 के स्तर पर बंद हुआ था।

शेयर बाजार में लगातार आ रही इस गिरावट के पीछे क्या मुख्य कारण हैं, इसे लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजय कुमार के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में धीरे-धीरे लेकिन लगातार गिरावट का यह पांचवां हफ्ता चल रहा है। इस धीमी और निरंतर गिरावट के पीछे कई बड़े मैक्रो-फैक्टर जिम्मेदार हैं। इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, आईटी शेयरों में लगातार बिकवाली, इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका, और तेजी से बढ़ता आईपीओ बाजार शामिल है जो निवेशकों का भारी पैसा खींच रहा है। चूंकि बाजार को प्रभावित करने वाले ये सभी कारक अभी भी मौजूद हैं, इसलिए निकट भविष्य में भी यह सुस्त रुख जारी रहने की संभावना है। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि यह ट्रेंड बेहतर फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेशकों के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

एक तरफ जहां बाजार में मंदी छाई हुई है और सेंसेक्स में लगातार गिरावट देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ निवेशकों की भागीदारी भी दिलचस्प रही है। बीते कारोबारी सत्र के दौरान जब सेंसेक्स 382 अंक गिरकर बंद हुआ था, तब भी घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों ने खरीदारी में रुचि दिखाई थी। आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को घरेलू निवेशकों ने बाजार में 567 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय शेयर बाजार में 280 करोड़ रुपये का निवेश किया। बाजार के जानकारों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को बेहद सतर्क रहकर अपने निवेश के फैसले लेने चाहिए।