Share Market Today: गिरावट के बाद बाजार में शानदार रिकवरी, सेंसेक्स 320 अंक चढ़ा; निवेशकों को ₹35 हजार करोड़ का फायदा|
बुधवार की भारी गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में शानदार सुधार देखा गया, जिससे निवेशकों को करोड़ों का फायदा हुआ।
स्टार्टअप और शेयर बाजार में तेजी के बीच वित्तीय ग्राफ और ग्रोथ चार्ट मुंबई में कारोबार को दर्शा रहे हैं।
बुधवार को आई भारी गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का बड़ा फायदा हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पिछले सत्र में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक लुढ़क गया था और निफ्टी भी 23,820.50 के नीचे आ गया था। हालांकि, इसके विपरीत आज घरेलू और विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते बाजार हरे निशान में खुला और तेजी के साथ आगे बढ़ा।
गुरुवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स 278 अंकों की बढ़त के साथ 76,848.98 के स्तर पर और निफ्टी 23,978.85 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर सेंसेक्स 320.12 अंकों (0.42%) की तेजी के साथ 76,890.47 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी भी 0.42% यानी 99.95 अंक उछलकर 24,014.40 पर पहुंच गया। इस शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी और 11 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
अडानी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे अधिक 1.92 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखने को मिली और यह 1705 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा पावरग्रिड में 1.16 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 0.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 0.91 प्रतिशत, एसबीआई में 0.88 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 0.70 प्रतिशत, इंडिगो में 0.65 प्रतिशत, एनटीपीसी में 0.41 प्रतिशत और टाटा स्टील में 0.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। साथ ही महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी के शेयर भी हरे निशान में नजर आए।
दूसरी तरफ, कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव भी देखा गया। टेक महिंद्रा के शेयरों में 0.81 प्रतिशत और इन्फोसिस में 0.48 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा टाइटन, टीसीएस, मारुति, सनफार्मा, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार में आई इस मजबूत रिकवरी से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 35,679 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में सीधे तौर पर करोड़ों का इजाफा हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की लिवाली से निवेशकों का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौट रहा है।