NSE ने EGR को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट को बनाया प्रमुख साझेदार, गोल्ड ट्रेडिंग को मिलेगा नया आधार
NSE ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट गोल्ड टेक को प्रमुख साझेदार बनाया है। साझेदारी से भौतिक सोने और EGR के बीच रूपांतरण तथा गोल्ड ट्रेडिंग को आसान बनाने की दिशा में काम होगा।
तस्वीर में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का लोगो दिखाई दे रहा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (बीएसई: 544888 | एनएसई: ऑगमोंट) की सब्सिडियरी ऑगमोंट गोल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड को अपने पैनल में प्रमुख साझेदार के रूप में शामिल किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य ईजीआर बनाने और उन्हें दोबारा भौतिक सोने में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ईजीआर में कारोबार को बढ़ावा देना है। इससे भारत के स्वर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
साझेदारी के तहत ऑगमोंट स्वर्ण मूल्य श्रृंखला में अपने लंबे अनुभव का उपयोग डिजिटल ढांचे को बेहतर बनाने के लिए करेगा। इसके साथ ही ईजीआर उत्पाद के विकास के लिए आवश्यक तकनीकी और जमीनी स्तर का सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस साझेदारी के माध्यम से विनियमित पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर भौतिक सोने को ईजीआर में और ईजीआर को दोबारा भौतिक सोने में बदलना आसान होगा।
ईजीआर अभौतिकीकृत प्रतिभूतियां हैं, जो भौतिक सोने में स्वामित्व को दर्शाती हैं। यह सोना सेबी से मान्यता प्राप्त तिजोरियों में सुरक्षित रखा जाता है और निक्षेपागारों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है। प्रत्येक ईजीआर भौतिक सोने से पूरी तरह समर्थित होता है और इसे एक्सचेंज पर कारोबार किया जा सकता है। इससे सोने को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना आसान होता है।
इस साझेदारी के साथ एनएसई का लक्ष्य सोने के कारोबार के लिए मजबूत और पारदर्शी पारिस्थितिकी तंत्र को और बेहतर करना है। इससे बेहतर मूल्य निर्धारण, बाजार में अधिक भागीदारी और आभूषण निर्माताओं, रिफाइनरों, कारोबारियों तथा संस्थागत निवेशकों सहित सभी हितधारकों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, “ऑगमोंट को अपने पैनल में शामिल करना इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के लिए एक मजबूत और बेहतर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनएसई की मजबूत टेक्नोलॉजी और लिक्विडिटी फ्रेमवर्क को गोल्ड वैल्यू चेन में ऑगमोंट के व्यापक अनुभव और जमीनी स्तर की मौजूदगी के साथ जोड़कर हम ईजीआर बनाने और उन्हें दोबारा फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं। इससे देशभर के निवेशकों के लिए गोल्ड में निवेश अधिक आसान होगा। हमारा मानना है कि यह साझेदारी ईजीआर में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देगी और हमारे कैपिटल मार्केट्स में गोल्ड को एक आधुनिक और इंटीग्रेटेड एसेट क्लास के रूप में और मजबूत करेगी।”
ऑगमोंट एंटरप्राइजेस के होल-टाइम डायरेक्टर श्री केतन कोठारी ने कहा, “इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के इकोसिस्टम को तैयार करने में एनएसई के साथ साझेदारी करके हमें खुशी हो रही है। गोल्ड रिफाइनिंग, सोर्सिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में अपने अनुभव को एनएसई की टेक्नोलॉजी और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़कर हमारा लक्ष्य फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के बीच कन्वर्जन को ट्रेड और निवेशकों, दोनों के लिए आसान, तेज और ज्यादा पारदर्शी बनाना है। हम भारत में गोल्ड में भागीदारी के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में ईजीआर की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इलेक्ट्रॉनिक स्वामित्व, सुनिश्चित गुणवत्ता और भौतिक तथा डिजिटल प्रारूप के बीच आसान रूपांतरण की सुविधा के कारण ईजीआर निवेशकों को कम मात्रा में भी स्वर्ण बाजार में भाग लेने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें बेहतर तरलता और लचीलापन मिलता है, जो अभौतिक रूप में रखे जाने वाले अन्य वित्तीय साधनों के समान है। एनएसई और ऑगमोंट की यह साझेदारी भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक सोने के बीच रूपांतरण को सुगम बनाने तथा ईजीआर में कारोबार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्रित है।