भीलवाड़ा में गुरुवार को गुमशुदगी और सड़क हादसों की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। कलकीपुरा में दो मासूम बच्चों के लापता होने के बाद खदान में शव मिलने की दहला देने वाली घटना के बाद अब भीमगंज, कोतवाली और हमीरगढ़ थाना क्षेत्रों से एक बुजुर्ग, तीन साल की बेटी के साथ महिला और दो नाबालिग छात्राओं के लापता होने के मामले सामने आए हैं। वहीं, बिजौलियां थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग सड़क हादसों में बूंदी जिले के दंपती और जेईई की तैयारी कर रहे 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हुआ है।

भीमगंज थाना क्षेत्र के पंचमुखी रोड निवासी 60 वर्षीय सोहनलाल पुत्र गोरूलाल खटीक गुरुवार तड़के रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। सोहनलाल मधुमेह यानी शुगर के मरीज हैं। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उनके रिश्तेदार देवेंद्र खटीक ने भीमगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस बुजुर्ग की तलाश में जुटी है।

कोतवाली थाना क्षेत्र में चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव की रहने वाली हेमा अपनी तीन साल की बेटी के साथ पिछले 15 दिनों से भीलवाड़ा में अपनी मुंहबोली बहन के यहां रह रही थी। हेमा अपनी बेटी के साथ बालाजी मंदिर जाने की कहकर निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। संभावित ठिकानों पर तलाश के बाद भी जब दोनों का पता नहीं चला तो कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया।

हमीरगढ़ थाना क्षेत्र से 14 वर्षीय आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने अपने स्तर पर हरसंभव तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस छात्रा की तलाश के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

इसी बीच भीमगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को मोबाइल देखने पर मां की डांट से नाराज होकर घर से निकली 14 वर्षीय छात्रा का दूसरे दिन भी कोई ठोस सुराग नहीं मिला। छात्रा शाम करीब पौने पांच बजे घर से निकली थी और रोडवेज बस स्टैंड की ओर गई। पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से इसका पता चला। पुलिस फुटेज के आधार पर छात्रा के संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश कर रही है।

लगातार सामने आ रहे गुमशुदगी के मामलों के बीच पुलिस सभी घटनाओं में तलाश अभियान चला रही है। हाल ही में हुई दर्दनाक घटनाओं के मद्देनजर इन मामलों में समय रहते लापता लोगों का सुराग लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

उधर, बिजौलियां थाना क्षेत्र में गुरुवार का दिन दो दर्दनाक सड़क हादसों के कारण मातम में बदल गया। अलग-अलग हादसों में बूंदी जिले के एक दंपती और जेईई की तैयारी कर रहे 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हुआ है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार के अनुसार, नेशनल हाईवे 27 पर मोदी ढाबे के पास गुरुवार को तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर महिला और पुरुष सवार थे। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बिजौलियां अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अथक प्रयास के बाद मृतकों की पहचान बूंदी जिले के अकतासा तालेड़ा निवासी 35 वर्षीय राजेश पुत्र श्योजीराम मीणा और उनकी 25 वर्षीय पत्नी राममाला के रूप में की। पुलिस ने मृतक दंपती के परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

दूसरा हादसा केसरगंज कट के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, कोटा में रहकर एलन कोचिंग संस्थान से इंजीनियरिंग यानी जेईई की तैयारी कर रहा 15 वर्षीय शिवम पुत्र विजय सिंह राजपूत, निवासी मुजफ्फरपुर, देवरिया, बिहार, अपने झारखंड निवासी साथी अर्पित के साथ बाइक पर सवार था। शिवम और अर्पित अपने दो अन्य दोस्तों मानस और कनिष्क के साथ मेनाल घूमने गए थे।

गुरुवार सुबह सभी दोस्त मेनाल से घूमकर कोटा लौट रहे थे। इसी दौरान बिजौलियां के केसरगंज कट के पास अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित होकर स्लिप हो गई। हादसे में शिवम गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अर्पित को भी चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को बिजौलियां के उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की खबर से उसके परिवार में कोहराम मच गया। एक ही दिन में हुए दोनों सड़क हादसों से बिजौलियां क्षेत्र में शोक की स्थिति है।

इधर, महात्मा गांधी अस्पताल में कर्मचारियों के वेतन और अन्य भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी रोष बढ़ रहा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) जिला भीलवाड़ा ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के तत्काल समाधान की मांग की है। महासंघ ने समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में पिछले करीब एक वर्ष से कर्मचारियों को एरियर, सरेंडर और सबसे महत्वपूर्ण मासिक वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार करीब डेढ़ वर्ष से अनियमितता की स्थिति बनी हुई है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पीएल सरेंडर और जीपीएफ, एसआई का भुगतान कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा राजमेस कर्मचारियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने और फिजियोथेरेपी डॉक्टरों को भी चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है।

महासंघ ने कहा कि विभागीय बजट में कमी के कारण वेतन नियमित रूप से नहीं आ रहा है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित वेतन एवं अन्य भुगतान जारी करवाने की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि वेतन संबंधी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर राहत प्रदान करने की मांग की गई है।

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