ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग, अधिक मास से 60 दिन का होगा महीना
अधिक मास के कारण इस बार ज्येष्ठ माह 2 महीने का होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को हनुमानजी की विशेष उपासना और दान-पुण्य के लिए 8 बुढ़वा मंगल का अवसर मिलेगा।
भुसावर के प्राचीन कोठी वाले हनुमानजी मंदिर में विराजित पवनपुत्र की प्रतिमा, जहां ज्येष्ठ माह और अधिक मास के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए इस वर्ष ज्येष्ठ माह विशेष महत्व लेकर आ रहा है। दो मई 2026 शनिवार से ज्येष्ठ माह की शुरुआत होगी, जो अधिक मास के कारण इस बार 60 दिनों तक चलेगा। यह अवधि 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक जारी रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं और भक्त मंडल को बजरंग बली की आराधना के लिए दोगुने अवसर प्राप्त होंगे।
ज्येष्ठ माह के दौरान श्रद्धालु हनुमानजी की पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ, तथा पानी, छाता, सत्तू, पंखा और जूता-चप्पल जैसे उपयोगी वस्तुओं का दान कर परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। विद्वान पंडित राघवेन्द्र शर्मा, महेश चन्द जति, पुष्पेन्द्र मिश्रा और महेश ववलू शर्मा ने बताया कि हिन्दू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, जबकि सूर्य वर्ष से तालमेल बनाए रखने के लिए लगभग तीन वर्षों में एक अतिरिक्त माह जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है।
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह के दौरान 8 बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) का अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक शुभ माना जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में इसी ज्येष्ठ माह में हनुमानजी का भगवान श्रीराम से मिलन हुआ था। वहीं महाभारत काल में भीम को अपनी शक्ति का घमंड होने पर हनुमानजी ने बूढ़े बंदर का रूप धारण कर परास्त किया था।
भुसावर कस्बे में हिण्डौन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन कोठी वाले हनुमानजी मंदिर परिसर, कुण्डा जलाशय वाले हनुमानजी मंदिर तथा गुरुकुल कॉलोनी आर्य महिला विद्यापीठ के सामने स्थित शनि देव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर सूर्य पुत्र शनि देव का जन्मोत्सव (प्रकटोत्सव) विधि-विधानपूर्वक, श्रद्धा और भक्ति भाव से धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
अधिक मास के साथ विस्तारित यह ज्येष्ठ माह धार्मिक आस्था, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष अवसर लेकर आया है, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है।