आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मानदेय और अतिरिक्त कार्यभार पर नाराजगी
उड़ान योजना के अतिरिक्त कार्यभार और बकाया भुगतान को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
भरतपुर जिला कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त कार्यभार और बकाया मानदेय के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उड़ान योजना के अतिरिक्त कार्यभार और बकाया मानदेय को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर नाराजगी जताई है और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनसे आंगनबाड़ी केंद्र के मूल कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे कार्यभार असामान्य रूप से बढ़ गया है। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मधुबाला शर्मा ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य दायित्व केंद्र पर लाभार्थियों का पंजीकरण, पोषाहार वितरण, वृद्धि निगरानी और टीकाकरण जैसी सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता राज्य कर्मचारी नहीं हैं और मानदेय आधारित सेवा प्रदान करती हैं, इसके बावजूद उन्हें पल्स पोलियो, मतदाता सूची, नशा मुक्ति अभियान, ड्राप आउट बच्चों का सर्वे और पालनहार जैसी योजनाओं में भी ड्यूटी दी जा रही है।
महिला अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित उड़ान योजना, जो राजसिम्स एप के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होती है, को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपे जाने पर आपत्ति जताई गई। कार्यकर्ताओं ने इसे अत्यंत श्रमसाध्य और समय लेने वाला कार्य बताते हुए कहा कि अल्प मानदेय पर यह अतिरिक्त जिम्मेदारी शोषण के समान है।
ज्ञापन में बकाया मानदेय और अन्य भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं के अनुसार पोषण आधारित कार्यक्रम की राशि नवंबर 2025 से बकाया है, जबकि पोषण ट्रैकर इंसेंटिव अप्रैल 2025 से लंबित है। पीएमएमवाई इंसेंटिव और गर्म भोजन का भुगतान अक्टूबर 2025 से नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त अप्रैल 2025 से मोबाइल रिचार्ज का भुगतान भी नहीं किया गया है। बयाना परियोजना में कार्यकर्ता और सहायिकाओं का मानदेय जनवरी 2026 से लंबित है।
जिले में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्रों के बिजली बिल का भुगतान कार्यकर्ताओं ने स्वयं किया, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक इसकी प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। कार्यकर्ताओं ने न्यू सुपरवाइजर भर्ती शीघ्र कराने, पूर्व प्राथमिक शिक्षक भर्ती में आंगनबाड़ी कर्मियों को प्राथमिकता देने तथा वर्ष 2024-2025 के बजट में घोषित रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि देने के प्रावधान को लागू करने की मांग भी रखी।
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उन्हें अन्य विभागों के कार्यों से मुक्त नहीं किया गया और बकाया भुगतान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी। यह मुद्दा जिले में महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यों की कार्यप्रणाली और कार्यकर्ताओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।