भारतीय इतिहास संकलन योजना की चित्तौड़ प्रांत बैठक उदयपुर में संपन्न

डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहयोग और भारतीय ज्ञान परंपरा की श्रेष्ठता को पुनः स्थापित करने के लिए समय दान का आह्वान किया।

Update: 2026-05-11 11:49 GMT

उदयपुर के प्रताप गौरव केंद्र में आयोजित बैठक के दौरान भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय और अन्य पदाधिकारी एक पुस्तक का विमोचन करते हुए।

भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि समय अब केवल “सलाह” का नहीं, बल्कि “सहयोग” का है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन से जुड़ने वाला प्रत्येक सदस्य केवल उत्सव-मूर्ति बनकर नहीं, बल्कि सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में योगदान दे।

वे प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के पद्मिनी सभागार में आयोजित इतिहास संकलन समिति चित्तौड़ प्रांत की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कहा कि इतिहास संकलन योजना का मूल उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा की श्रेष्ठता को पुनः स्थापित करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका का निर्धारण करते हुए समर्पण भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत के गौरवशाली, स्वाभिमानी और शौर्यपूर्ण इतिहास को जन-जन के मानस पटल पर पुनः स्थापित करने के लिए अभी कठोर तपस्या आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के लिए “समय का दान” करने का आह्वान भी किया।

बैठक का शुभारंभ भारत माता एवं इतिहास पुरुष के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अध्यक्षता करते हुए इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को सत्य, न्याय, कर्तव्यपरायणता और सदाचार के आधार पर व्यक्तित्व निर्माण पर बल देना चाहिए।

दो सत्रों में सम्पन्न इस बैठक के दूसरे सत्र में प्रांत अध्यक्ष प्रो. जीवन सिंह खरकवाल ने तीन वर्षों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आह्वान किया कि हमें अपने बुजुर्गों की कहानियों को सुनकर उन्हें संकलित करना चाहिए, क्योंकि यही कार्य भारत के मूल इतिहास संकलन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

इसी क्रम में इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय मंत्री प्रो. शिव कुमार मिश्रा ने कहा कि दायित्व चाहे जैसा भी हो, यदि कार्यकर्ता उसे निष्ठा और समर्पण से निभाएं तो वही दायित्व उदाहरण बन जाता है।

राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन सचिव डॉ. मोहनलाल साहू ने संगठन को गति देने के लिए पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवास करने और वार्षिक कार्ययोजना के अनुरूप नियमित कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में कोटा संभाग से डॉ. आदित्य गुप्ता, डॉ. बाबूलाल भाट, डॉ. सुरेश मेघवाल, डॉ. हेमलता वैष्णव, जिला महासचिव नवनीत स्वरूप, जिला मंत्री यशोदा मेघवाल सहित महिला प्रमुख, युवा इतिहासकार, महिला इतिहासकार तथा कॉलेज इतिहासकारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

बैठक में संगठन के उद्देश्यों, कार्ययोजना और भारतीय इतिहास के पुनर्संकलन की दिशा में व्यापक विचार-विमर्श किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ।

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